हापुड़ तेजाब कांड: शिक्षिका को पानी की जगह एसिड देने के मामले में जांच तेज, आज डीएम को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
हापुड़ में शिक्षिका को पानी की जगह तेजाब दिए जाने के मामले में जांच तेज हो गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग आज जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपेगा, जबकि पुलिस भी घटना की जांच कर रही है और शिक्षिका की हालत में सुधार है।

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HighLights
शिक्षिका को पानी की जगह गलती से तेजाब दिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग आज जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपेगा।
पुलिस भी घटना की जांच कर रही, शिक्षिका की हालत सुधरी।
जागरण संवाददाता, हापुड़। पानी की बोतल समझकर शिक्षिका को कथित रूप से तेजाब की बोतल दिए जाने के मामले में जांच तेज हो गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की टीम सोमवार को अब तक की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी।
दूसरी ओर पुलिस भी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। हालांकि अभी तक पीड़िता या उसके स्वजन की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। राहत की बात यह है कि शिक्षिका की हालत में सुधार होने पर उन्हें आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
गलती से पी लिया था तेजाब
स्वजन के अनुसार दिल्ली रोड स्थित अर्जुन नगर की रहने वाली एक युवती स्थानीय स्कूल में शिक्षिका हैं। शुक्रवार शाम वह मोहल्ले के एक सर्राफा प्रतिष्ठान एमके ज्वैलर्स पर खरीदारी करने गई थीं। इसी दौरान प्यास लगने पर उन्होंने पानी मांगा।
बताया गया कि पड़ोस की एक कंफैक्शनरी दुकान से पानी की बोतल मंगाई गई, लेकिन गलती से कथित रूप से तेजाब भरी बोतल दे दी गई। शिक्षिका ने घूंट लिया, उनका गला बुरी तरह झुलस गया और उनकी तबीयत बिगड़ गई।
स्वजन उन्हें तत्काल शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ के अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार अब उनकी स्थिति पहले से बेहतर है और उन्हें आइसीयू से कमरे में स्थानांतरित कर उपचार जारी है।
इस मामले की जांच पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की अलग-अलग टीमें कर रही हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक उपायुक्त चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि कंफैक्शनरी दुकान से पानी का नमूना लिया जा चुका है।
पुलिस को नहीं मिली है लिखित शिकायत
हालांकि जिस बोतल में तेजाब होने की बात सामने आई है, उसका नमूना अभी नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार तेजाब की जांच का अधिकार उनको नहीं है। यदि पानी के रूप में तेजाब दिया गया है तो ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में नमूना लिया जाता है।
इस संबंध में जिलाधिकारी से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए जाएंगे और सोमवार को अब तक की जांच रिपोर्ट उनके समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
उधर, थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया कि अभी तक पीड़िता की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।

