गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक, हापुड़ प्रशासन अलर्ट; नदी किनारे बसे गांवों में बेचैनी
पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण गढ़मुक्तेश्वर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जो येलो अलर्ट से मात्र सात सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन ...और पढ़ें
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गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जागरण
HighLights
गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट से मात्र 7 सेमी नीचे।
हरिद्वार, बिजनौर बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा।
प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई, लोगों को किनारे जाने से रोका।
ध्रुव शर्मा, गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। पहाड़ों एवं मैदानी इलाके में हो रही वर्षा के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं हरिद्वार एवं बिजनौर बैराज से प्रति दो घंटे के अंतराल पर लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
गंगा येलो अलर्ट से मात्र सात सेंटीमीटर नीचे रह गई है। इसके कारण गंगा किनारे बसे लोगों में बेचैनी पसरनी शुरू हो गई है। वहीं, प्रशासन ने भी निगरानी बढ़ा दी है।
गढ़मुक्तेश्वर में पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट आ रही थी। गंगा का जलस्तर अधिकतम 198.55 सेंटीमीटर तक पहुंचने के बाद नीचे आ रहा था।
येलो अलर्ट से मात्र 7 सेंटीमीटर नीचे
शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 198.45 सेंटीमीटर था, जो येलो अलर्ट से 30 सेंटीमीटर कम था। इस बीच पिछले तीन दिनों से पहाड़ों एवं मैदानी इलाकों में हुई तेज वर्षा के बाद शनिवार को गंगा का जलस्तर में 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर बढ़कर 198.65 पर पहुंच गया था जो रविवार को 198.68 पर पहुंच गया है। ऐसे में गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट 198.75 मीटर से मात्र सात सेंटीमीटर नीचे रह गया है।
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रविवार की सुबह 8 बजे तक हरिद्वार एवं बिजनौर बैराज से 2,15,048 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।जबकि शाम तक दोनों बैराज से 10 लाख से अधिक क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा जा सकता है। इसके कारण गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है।
| दिन / स्तर | पानी का स्तर (मीटर) |
|---|---|
| शुक्रवार | 198.45 मीटर |
| शनिवार | 198.65 मीटर |
| रविवार | 198.68 मीटर |
| येलो अलर्ट | 198.75 मीटर |
| खतरा निशान | 199.00 मीटर |
| रेड अलर्ट | 199.33 मीटर |
गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। प्रशासन द्वारा पांच बाढ़ चौकी बनाई गई हैं। गंगा के जलस्तर को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। लोगों को गंगा के किनारे जाने से बचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। - श्रीराम यादव, एसडीएम गढ़मुक्तेश्वर