RMRC शोध: एंटेरो वायरस से फैला था टोमैटो फ्लू, नई जानकारी आई सामने
पिछले साल बच्चों में फैले टोमैटो फ्लू का कारण एंटेरो वायरस था, यह क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) के अध्ययन में सामने आया है। 25 नमू ...और पढ़ें

पिछले साल फैले टोमैटो फ्लू के 25 नमूनाें में से 12 में मिला एंटेरो। जागरण
गजाधर द्विवेदी, गोरखपुर। पिछले वर्ष (2025 में) बच्चों में फैली हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज (टोमैटो फ्लू) का कारण एंटेरो वायरस रहा। क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) के अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है। विज्ञानियों ने टोमैटो फ्लू से पीड़ित 25 रोगियों के नमूने लिए थे।
इनमें से 12 में एंटेरो वायरस की पुष्टि हुई। शेष में किसी वायरस की पुष्टि नहीं हुई। आरएमआरसी की जांच ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टोमैटो फ्लू कोई नई या रहस्यमयी बीमारी नहीं, बल्कि एंटेरो वायरस से जुड़ा एक सामान्य वायरल संक्रमण है, जिसे समय पर पहचान और सावधानी से आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इस अध्ययन को यूरोप के जर्नल फ्यूचर बायोलाजी ने इसी माह प्रकाशित किया है।
इस बीमारी के दौरान बच्चों में तेज बुखार के साथ शरीर पर लाल रंग के चकत्ते उभरने की शिकायत सामने आई थी। चकत्तों का आकार टमाटर जैसा दिखाई देने के कारण ही इसे टोमैटो फ्लू कहा जाने लगा था। चिकित्सा विशेषज्ञों ने शुरू से ही इसे वायरल संक्रमण से जुड़ी बीमारी बताया था।
आरएमआरसी की टीम ने इस बीमारी की पुष्टि के लिए गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों से कुल 25 बच्चों के नमूने एकत्रित किए थे। ये नमूने बांसगांव, घोष कंपनी और चौरीचौरा क्षेत्रों से लिए गए थे, जहां इस बीमारी के मामले अधिक सामने आए थे।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन के लिए कारखाने में लगे 2500 से अधिक पौधे, 2029 तक रखा है लक्ष्य
जांच के दौरान 25 में से 12 नमूनों में एंटेरो वायरस की पुष्टि हुई है, जिससे यह साफ हो गया कि संक्रमण का प्रमुख कारण यही वायरस था। विज्ञानियों का कहना है कि जिन नमूनों में वायरस की पुष्टि नहीं हो सकी, उनमें भी एंटेरो वायरस होने की पूरी आशंका है। इसका कारण यह है कि बीमारी के सात से 10 दिन बाद शरीर में वायरस की मात्रा काफी कम हो जाती है, जिससे जांच में उसकी पहचान करना कठिन हो जाता है।
जिस भी बीमारी के ज्यादा मामले आते हैं और प्रकोप जैसी स्थिति होती है तो हम लोग रोगियों के नमूने लेते हैं। उसका कारण तलाश करते हैं, ताकि समय रहते इस बीमारी की रोकथाम की जा सके।
-डाॅ. हरिशंकर जोशी, निदेशक आरएमआरसी
एंटेरो वायरस समूह के वायरस आमतौर पर इस तरह के संक्रमण के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, दूषित वस्तुओं या अस्वच्छता के कारण तेजी से फैल सकता है।
-डा. गौरवराज द्विवेदी, वायरोलाजिस्ट आरएमआरसी