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    गोरखपुर MMUT के हॉस्टल में शराब-सिगरेट पर सख्ती, तीन महीने में सुधार का लक्ष्य

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 02:02 PM (GMT+05:30)

    राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की नाराजगी के बाद एमएमयूटी गोरखपुर के हॉस्टलों में व्यवस्था सुधारने के लिए दो कमेटियां गठित की गई हैं। तीन महीने में शराब, सिगर ...और पढ़ें

    मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय। जागरण

     मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय। जागरण

    HighLights

    1. राज्यपाल की नाराजगी के बाद हॉस्टल जांच शुरू।

    2. शराब, सिगरेट, मेस गुणवत्ता पर विशेष ध्यान।

    3. तीन माह में व्यवस्था सुधारने का लक्ष्य निर्धारित।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के हास्टलों में व्यवस्थागत कमियों को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच का सिलसिला शुरू कर दिया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ओर से दीक्षा समारोह के दौरान हास्टलों की व्यवस्थाओं को लेकर जताई गई नाराजगी के बाद शासन के निर्देश पर विश्वविद्यालय ने दो अलग-अलग पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। जांच कमेटी में विश्वविद्यालय के डीन और वरिष्ठ शिक्षक को शामिल किया गया है। इनमें एक कमेटी गर्ल्स हास्टल और दूसरी ब्वायज हास्टल की व्यवस्था की पड़ताल करेगी। तीन महीने से सुधार का लक्ष्य है।

    दोनों कमेटियां हास्टलों का औचक निरीक्षण करने के साथ मेस और कैंटीन की व्यवस्था को भी परखेंगी। खाने की गुणवत्ता की औचक जांच की जाएगी। हास्टलों में प्रतिबंधित सामग्री की मौजूदगी, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की भी नजर रखी जाएगी। प्रशासन को तीन माह के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार कर इसकी रिपोर्ट जनभवन और शासन को उपलब्ध करानी है।

    गर्ल्स हास्टल की निगरानी के लिए अलग व्यवस्था की गई है। इसमें महिला शिक्षकों और संबंधित वार्डेन को शामिल किया गया है। यह कमेटी छात्राओं के छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगी। वहीं ब्वायज हास्टल की कमेटी पुरुष छात्रावासों की व्यवस्था की जांच करेगी।

    राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पांच अगस्त को एमएमयूटी के दीक्षा समारोह में शामिल हुई थीं। समारोह में टापर विद्यार्थियों को बधाई देने के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय के हास्टलों की कुव्यवस्था का मंच से उल्लेख किया था। उन्होंने रमन हास्टल का उदाहरण देते हुए बताया था कि जांच के दौरान वहां शराब की बोतलें और सिगरेट के पैकेट मिल रहे हैं।

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    उन्होंने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए हास्टल में शराब और सिगरेट के इस्तेमाल पर सवाल उठाया था। सरोजनी हास्टल में क्षमता से अधिक छात्राओं के रहने का भी उल्लेख किया था। इसके अलावा कस्तूरबा हास्टल के ए और बी ब्लाक में तीन वर्ष से बनी गंदगी और खराब सफाई व्यवस्था पर भी उन्होंने नाराजगी जताई थी।

    कुरियर पर भी बढ़ाई जाएगी निगरानी
    विश्वविद्यालय परिसर में बाहर से आने वाले कुरियर और आनलाइन माध्यम से मंगाए जाने वाले सामान की भी जांच का निर्णय लिया गया है। इसके लिए विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर जांच की व्यवस्था की जाएगी। कुरियर और अन्य आनलाइन सामान परिसर में पहुंचने से पहले उसकी जांच होगी। इसके लिए अलग कमेटी गठित की जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के निर्देश भी इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन को मिले हैं।

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    गोवि में भी गेट पर होगी कुरियर की जांच
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में भी बाहर से आने वाले कुरियर और आनलाइन सामान की जांच की व्यवस्था की जाएगी। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि शासन से मिले निर्देशों के बाद इस संबंध में निर्णय लिया गया है। सोमवार को बैठक कर हास्टलों के संचालन सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।

    उन्होंने बताया कि गर्ल्स हास्टल में सुविधाओं की स्थिति बेहतर है। ब्वायज हास्टल में मेस संचालन की तैयारी भी चल रही है और इसमें कुछ लोगों का सहयोग लिए जाने की संभावना है। विश्वविद्यालय परिसर में निर्माण और अन्य कार्य चल रहे हैं। ऐसे में वहां काम करने वाले मजदूर और उनके परिवार भी रह रहे हैं। प्रशासन ने इन सभी की सूची मांगी है। इन्हीं मजदूरों से नशामुक्ति अभियान की शुरुआत कराने की भी तैयारी है।

    हास्टलों के औचक निरीक्षण और मेस की जांच के लिए दो कमेटियां गठित की गई हैं। गर्ल्स हास्टल के लिए अलग कमेटी बनाई गई है, जो केवल छात्राओं के हास्टल की व्यवस्थाओं को देखेगी। जनभवन व शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में कुरियर और अन्य आनलाइन सामान की जांच विश्वविद्यालय के गेट पर कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए भी अलग कमेटी गठित की जाएगी।

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    -प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा, कुलपति, एमएमयूटी