गोरखपुर के लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनंजय प्रताप सिंह संभालेंगे ARTRAC की कमान, गांव में खुशी की लहर
गोरखपुर के लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनंजय प्रताप सिंह को सेना प्रशिक्षण कमान (ARTRAC), शिमला का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। ...और पढ़ें

लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनंजय प्रताप सिंह। जागरण
HighLights
लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनंजय प्रताप सिंह बने ARTRAC प्रमुख।
वीर चक्र विजेता मेजर धीरेंद्र प्रताप सिंह के पुत्र।
परिवार की तीसरी पीढ़ी भी सेना में सेवारत।
संवाद सूत्र, हाटा बाजार (गोरखपुर)। सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी), शिमला की कमान गोरखपुर के श्रीनंजय प्रताप सिंह संभालेंगे। करवल मझगावां निवासी लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनंजय के पिता मेजर धीरेंद्र प्रताप सिंह भी सेना में रहे। 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान कश्मीर में तैनात मेजर धीरेंद्र प्रताप सिंह बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गए थे।
गंभीर चोट के कारण उनका एक पैर काटना पड़ा। उनके अदम्य साहस और सेवा के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। वीर पिता की राह पर बढ़े उनके दोनों पुत्र सेना में हैं। परिवार की तीसरी पीढ़ी से श्रीनंजय के बेटे अद्वैत विक्रम सिंह सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। मेजर धीरेंद्र प्रताप सिंह के बड़े पुत्र लेफ्टिनेंट जनरल वीरेश प्रताप सिंह और छोटे पुत्र लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनंजय प्रताप सिंह सेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
श्रीनंजय प्रताप सिंह को सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी), शिमला का नया प्रमुख जीओसी-इन-सी नियुक्त किए जाने से पहले डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के महानिदेशक और डिप्टी चीफ आफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (इंटेलिजेंस) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। वीरेश प्रताप सिंह भी भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल जैसे महत्वपूर्ण पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
श्रीनंजय प्रताप सिंह के परिवार के दिग्विजय सिंह हाल ही में सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। करवल मझगांवा के राकेश सिंह बताते है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी मेजर धीरेंद्र प्रताप सिंह का गांव से जुड़ाव बना रहा। वर्ष 1972 से 1982 तक वह गांव के मुखिया रहे। वर्ष 2000 से 2005 तक ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रहे, जबकि उनकी पत्नी विजय कुमारी ग्राम प्रधान थीं।
करीब सात वर्ष पहले स्वास्थ्य खराब होने पर वह पत्नी के साथ लखनऊ चले गए थे। इसके बाद वह गांव नहीं आए। अप्रैल 2025 में दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। राकेश बताते है कि मेजर धीरेंद्र के चार संतानों मे दो पुत्र सेना में हैं, जबकि छोटे पुत्र रूद्रवीर सिंह उनकी पत्नी निशा कुमारी लखनऊ में चिकित्सक हैं।
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पुत्री सुनीता सिंह की शादी हो चुकी है। पत्नी विजय कुमारी लखनऊ में छोटे पुत्र के साथ रहती हैं। गांव की खेती बारी और मकान की देखभाल वह करते हैं। पैतृक गांव में आज भी परिवार के लोग और ग्रामीण उनकी वीरता को याद करते हैं।
अब इस परिवार के श्रीनंजय को सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी), शिमला का नया प्रमुख जीओसी-इन-सी नियुक्त किए जाने से ग्रामीण हर्षित व गर्वित महसूस कर रहे हैं।
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