गोरखपुर के अनिमेष निषाद का कमाल, भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जिले का बढ़ाया मान
अनिमेष निषाद और रितिका दुबे ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर गोरखपुर का मान बढ़ाया है। अनिमेष ने गया में प्रशिक्षण पूरा किया।

अपने परिवार के साथ प्रशिक्षण के बाद लेफ्टिनेंट अनिमेश निषाद
HighLights
अनिमेष निषाद गोरखपुर से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने।
रितिका दुबे सहजनवा तहसील की पहली महिला सेना अधिकारी।
दोनों ने प्रशिक्षण पूरा कर देश सेवा का गौरव प्राप्त किया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एम्स के निकट खोट्ठा टोला निवासी अनिमेष निषाद ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर शहर का मान बढ़ाया है। बिहार के गया स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें शिमला में नियुक्ति मिली है।
अनिमेष के पिता रमेश चंद निषाद दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के नियंता कार्यालय में प्रधान सहायक हैं, जबकि माता हेमलता निषाद गृहिणी हैं।
उन्होंने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पढ़ाई सेंट जोसेफ्स इंटर कॉलेज से की। इसके बाद लखनऊ से बीटेक किया। वर्ष 2025 में शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) की चयन प्रक्रिया में उन्होंने 31वां स्थान हासिल किया था।
रितिका दुबे बनी भारतीय सेना में अधिकारी
वहीं दूसरी ओर पाली ब्लॉक के तिलौरा गांव की रितिका दुबे ने 23 वर्ष की उम्र में भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया है। वह सहजनवा तहसील की पहली महिला हैं, जिन्होंने सेना में अधिकारी का पद हासिल किया है। भारतीय सेना की आर्मी ट्रेनिंग कमांड ने भी रितिका के संघर्ष और उपलब्धियों की सराहना की है।
रितिका ने पहले ही प्रयास में सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) का साक्षात्कार उत्तीर्ण किया। सितंबर 2025 में चेन्नई स्थित आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में प्रशिक्षण के लिए उनका चयन हुआ। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह लेफ्टिनेंट बनीं।
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