गोरखपुर में गुंबद गिरने से दो अधिवक्ताओं की मौत मामले में कार्रवाई, JE-AE हिरासत में; CMO पर FIR
गोरखपुर में वज्रपात से गुंबद गिरने से दो अधिवक्ताओं की मौत के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। ...और पढ़ें
HighLights
गोरखपुर में वज्रपात से गुंबद गिरने से हादसा।
दो अधिवक्ताओं आलोक अस्थाना और संजय सिंह की मौत।
जेई, एई और ठेकेदार पुलिस हिरासत में, जांच जारी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। महायोगी गुरु गोरक्षनाथ घाट पर वज्रपात से गुंबद (गजीबो) गिरने और दो अधिवक्ताओं की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।
अधिवक्ता संजय सिंह की पत्नी अर्चना सिंह की तहरीर पर राजघाट थाने में ड्रेनेज खंड के तत्कालीन जेई, एई और ठेकेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने देर रात तक कई स्थानों पर छापेमारी की।
दो जेई, एक एई और ठेकेदार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस गुंबद के निर्माण, उसकी स्थिति और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
रविवार को सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विनोद तिवारी की माता की अंत्येष्टि के दौरान तेज बारिश से बचने के लिए लोग घाट पर बने गुंबद के नीचे गए थे। इसी दौरान वज्रपात हुआ और गुंबद भरभराकर गिर गया।
मलबे में दबने से राप्तीनगर निवासी अधिवक्ता आलोक अस्थाना और शक्तिनगर कालोनी निवासी अधिवक्ता संजय सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे। आलोक की जिला अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई थी, जबकि संजय ने बीआरडी मेडिकल कालेज के इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

आलोक अस्थाना की पत्नी शालिनी की तहरीर पर कोतवाली थाने में सीएमओ और स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध लापरवाही का मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि जिला अस्पताल में उचित उपचार नहीं मिला और फोन करने के करीब 45 मिनट बाद तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुई। अधिवक्ताओं ने इसे लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर सड़क जाम कर हंगामा भी किया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद जाम समाप्त हुआ।
एक ही घाट पर दोनों दोस्तों को अंतिम विदाई
सोमवार सुबह आलोक अस्थाना और संजय सिंह का अंतिम संस्कार उसी महायोगी गुरु गोरक्षनाथ घाट पर किया गया, जहां एक दिन पहले दोनों हादसे का शिकार हुए थे।
अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, स्वजन और परिचित मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के स्वजन को चार-चार लाख रुपये की सहायता देने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की ओर से दोनों परिवारों को सहायता राशि का चेक उपलब्ध करा दिया गया है।
