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गोरखपुर में नदी घाटों पर लगेंगे चेतावनी बोर्ड, अवैध खनन और डंपर दुर्घटनाओं पर भी सख्ती

Published: Sat, 30 May 2026 01:41 PM (IST)

गोरखपुर में नदियों में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए खतरनाक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे, जिसमें थानाध्यक्ष ...और पढ़ें

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HighLights

  1. नदी के खतरनाक स्थलों पर लगेंगे चेतावनी बोर्ड।

  2. अवैध खनन रोकने को कार्यदायी संस्थाओं को पट्टा।

  3. डंपरों की जांच, सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। नदी में डूबने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए दुर्घटना संभावित स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। शुक्रवार की शाम हुई बैठक में कमिश्नर अनिल ढींगरा ने यह निर्देश दिया। थानाध्यक्ष और एनडीआरएफ का संपर्क नंबर अंकित करने को भी कहा। 27 मई के अंक में दैनिक जागरण ने 'कागज की कश्ती में सुरक्षित जिंदगानी, जान ले रहा दरिया का पानी' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए कमिश्नर ने नदी में डूबने की घटनाओं में कमी लाने के लिए गांवों में चौपाल लगाकर अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही सरकारी परियोजनाओं में मिट्टी खनन के लिए निजी व्यक्तियों के बजाय कार्यदायी संस्थाओं को ही पट्टा देने पर भी जोर दिया गया, ताकि अवैध खनन और मिट्टी की बिक्री पर रोक लग सके।

बैठक में यह सामने आया कि तेज रफ्तार डंपरों और खुले में मिट्टी ढोने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है। इसी को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन रात्रि में मिट्टी परिवहन करने वाले डंपरों की विशेष जांच करें। जिन वाहनों के दस्तावेज वैध न हों, उन्हें तत्काल सीज किया जाए। साथ ही डंपरों के विंडस्क्रीन पर खनन अनुज्ञा पत्र की प्रति लगाना अनिवार्य होगा।

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाल में हुई दुर्घटनाओं का भी जिक्र हुआ। मरम्मत के दौरान एक लेन बंद कर दूसरी लेन से यातायात संचालित करने और पर्याप्त संकेतक व डायवर्जन बोर्ड न लगाने को गंभीर लापरवाही माना गया। निर्देश दिया गया कि निर्माण और मरम्मत कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो।

अवैध खनन को लेकर भी प्रशासन ने कठोर रुख अपनाया है। अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर ठीकेदार जरूरत से अधिक मिट्टी निकालकर उसका दुरुपयोग कर रहे हैं। डीएम दीपक मीणा ने खनन अधिकारी को निर्देश दिया कि पट्टाधारकों के स्थलों का नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित सीमा से अधिक खनन न हो। साथ ही ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जाए।

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बैठक में यह भी कहा गया कि गांव छोड़कर बाहर गए लोगों के खेतों में अवैध रूप से मिट्टी खोदकर गड्ढे बना देने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सीओ और एसडीएम को भी इसमें सहयोग के निर्देश दिए गए हैं।

टोल शुल्क बचाने के लिए गांवों के रास्तों से गुजरने वाले डंपरों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। ऐसे मार्गों को चिह्नित कर वहां मजबूत बैरियर लगाने को कहा गया है। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि भविष्य में डंपर से किसी की मृत्यु होने पर चालक, वाहन मालिक के साथ संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।