गोरखपुर विश्वविद्यालय में ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब शुरू, शोध व स्टार्टअप के नए अवसर
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में महायोगी गुरु गोरखनाथ ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब का उद्घाटन हुआ। यह लैब ड्रोन तकनीक में प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवा ...और पढ़ें

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय।
HighLights
गोरखपुर विश्वविद्यालय में महायोगी गुरु गोरखनाथ ड्रोन लैब शुरू।
ड्रोन तकनीक में प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा।
युवाओं को उद्योगोन्मुखी कौशल व स्टार्टअप के अवसर मिलेंगे।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी परिसर में रविवार को ड्रोन टेक्नोलाजी लैब की शुरुआत हुई। महायोगी गुरु गोरखनाथ के नाम से स्थापित यह लैब ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित की गई है।
लैब का बतौर मुख्य अतिथि उद्घाटन करने के बाद अपर पुलिस महानिदेशक मुथा अशोक जैन ने लैब की स्थापना को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना की और कानून-व्यवस्था और निगरानी में ड्रोन के उपयोग को महत्वपूर्ण बताया। विशिष्ट अतिथि एश्प्रा समूह के निदेशक अतुल सर्राफ ने इसे युवाओं के लिए स्टार्टअप और उद्यमिता के नए अवसरों से जोड़कर देखा।
एसआइएफ फाउंडेशन के निदेशक जितेंद्र बहादुर सिंह ने इस तरह की पहल को निरंतर सहयोग देने की बात कही। अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि नई लैब से विश्वविद्यालय में तकनीकी शिक्षा को गति मिलेगी और छात्रों को आधुनिक शोध एवं नवाचार के अवसर प्राप्त होंगे।
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सभी वक्ताओं ने बताया कि ड्रोन तकनीक का उपयोग सुरक्षा, निगरानी, कृषि, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे प्रशिक्षित युवाओं की मांग भी बढ़ेगी।
ऐसे में यह लैब उपयोगी साबित होगा। इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नालाजी के डीन प्रो. हिमांशु पांडेय और निदेशक डा. एसएन तिवारी ने कहा कि यह लैब छात्रों को उद्योगोन्मुखी कौशल प्रदान करेगी, विभागाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र यादव ने इसके प्रभावी उपयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन रोबो-एक्स टीम द्वारा किया गया। अंत में टीम ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।