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गोरखपुर के शिवकुमार हत्याकांड: पुलिस की जांच में दारोगा-कांस्टेबल की भूमिका पर सवाल, हो सकती है कार्रवाई

Updated: Thu, 13 Aug 2026 11:45 AM (IST)

गोरखपुर में ठेकेदार शिवकुमार त्रिपाठी हत्याकांड की विवेचना तेज हो गई है, जिसमें सात बालिग और एक नाबालिग आरोपित के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है। पुलिस हल्का दारोगा और कांस्टेबल की भूमिका की भी जांच कर रही है, लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

शिवकुमार त्रिपाठी हत्याकांड। जागरण

शिवकुमार त्रिपाठी हत्याकांड। जागरण

HighLights

  1. शिवकुमार हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी।

  2. पुलिस हल्का दारोगा और कांस्टेबल की भूमिका जांच रही।

  3. पुरानी रंजिश में तलवार से हमला कर हत्या।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शिवकुमार त्रिपाठी हत्याकांड में पुलिस ने विवेचना तेज कर दी है। मामले में जेल भेजे जा चुके सात बालिग और एक नाबालिग समेत सभी आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है। आरोपपत्र को अंतिम रूप देने से पहले पुलिस अभियोजन अधिकारियों से कानूनी राय ले रही है। वहीं, विवेचना में हल्का दारोगा और कांस्टेबल के भूमिका की भी जांच की जा रही है। लापरवाही मिलने पर दोनों के विरुद्ध कार्रवाई तय करते हुए विभागीय जांच शुरू होगी।

सिकरीगंज के अहिरौली खुर्द निवासी शिवकुमार त्रिपाठी को शनिवार शाम गांव में छेदी चौधरी के ब्रह्मभोज में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि वहां पुरानी रंजिश को लेकर राहुल चौधरी, विनोद, उसकी पत्नी राजकुमारी, छेदी के बेटे विंध्यनिवास चौधरी समेत सात लोगों ने उन पर हमला कर दिया।

सिर में गंभीर चोट लगने से शिवकुमार अचेत हो गए। ग्रामीण उन्हें आटो से अस्पताल ले जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में हमलावरों ने आटो रोककर उन्हें बाहर खींच लिया और तलवार से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई।

शिवकुमार के भाई रामकुमार की तहरीर पर सिकरीगंज थाने में अपहरण कर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस सात आरोपितों को जेल भेज चुकी है, जबकि एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तलवार और खंती बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है।

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घटना से संबंधित प्रसारित वीडियो भी जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस वीडियो और अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों के जरिए घटनाक्रम की पुष्टि में जुटी है। इन्हीं साक्ष्यों और विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दिनेश पुरी ने बताया कि सभी आरोपितों को जेल भेजने के बाद विवेचना जल्द से जल्द पूरी कर चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में दाखिल किया जाएगा। इस मामले में हल्का दारोगा और कांस्टेबल के भूमिका की जांच चल रही है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।