गोरखपुर में भीषण जाम भी नहीं रोक सका कदम, वॉकर थामकर बेटी से मिलने अस्पताल पहुंचीं कैलाशी देवी
गोरखपुर में कैलाशी देवी अपनी बीमार बेटी को देखने के लिए मेडिकल कॉलेज जा रही थीं। जाम के कारण ऑटो से उतरने के बाद, उन्होंने बेटी की चिंता में वॉकर के स ...और पढ़ें

जाम में वॉकर से चलती महिला। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बेटी मेडिकल कॉलेज के नेहरु अस्पताल में भर्ती थी। मां का मन घर में कैसे टिकता, गोरखनाथ की रहने वाली कैलाशी देवी बेटी को देखने के लिए बरगदवा से टेंपो में बैठकर निकलीं। लेकिन झुंगिया चुंगी पहुंचते ही जाम ने उनका रास्ता रोक दिया।
टेंपो चालक ने पोस्टमार्टम हाउस के पास अधिवक्ताओं के जाम लगाने की बात कहकर उन्हें वहीं उतार दिया। चलने के लिए वाकर का सहारा लेने वाली कैलाशी देवी के सामने अब मेडिकल कालेज तक पहुंचने की चुनौती थी। उन्होंने वाकर संभाला और बेटी की चिंता में करीब 500 मीटर पैदल चलकर मेडिकल कालेज पहुंचीं।
टेंपो से उतरने के बाद कुछ पल के लिए कैलाशी देवी के सामने मुश्किल खड़ी हो गई। एक तरफ बेटी अस्पताल में थी और दूसरी तरफ जाम के कारण वाहन आगे नहीं जा रहा था। किसी दूसरे साधन का इंतजार करने के बजाय उन्होंने वाकर उठाया और सड़क पर चल पड़ीं।
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धीरे-धीरे कदम बढ़ाते हुए वह मेडिकल कालेज की ओर बढ़ती रहीं। उम्र और चलने में परेशानी के बावजूद बेटी को देखने की बेचैनी उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बनी रही। करीब आधा किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद वह मेडिकल कालेज पहुंचीं।