गोरखपुर लोन जालसाजी: गरिमा गिरोह की मुश्किलें बढ़ीं, पुलिस खंगाल रही छह नई शिकायतों के रिकॉर्ड
डा. परमात्मा सिंह की आत्महत्या से जुड़े लोन जालसाजी मामले में गरिमा सिंह गिरोह के खिलाफ छह और नई शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस इन शिकायतों में बताए गए लेनदेन और दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही है, जिससे जांच का दायरा बढ़ गया है।

पिता के साथ जालसाज गरिमा सिंह। जागरण
HighLights
गरिमा गिरोह के खिलाफ छह नई शिकायतें दर्ज।
पुलिस लेनदेन और बैंक खातों की कर रही पड़ताल।
डॉ. परमात्मा सिंह आत्महत्या मामले से जुड़ा है।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पशु चिकित्सक डा. परमात्मा सिंह की खुदकुशी के बाद गरिमा सिंह और उसके गिरोह से जुड़े लोन जालसाजी के मामलों की जांच का दायरा बढ़ गया है। अब पुलिस का फोकस छह नई शिकायतों में बताए गए लेनदेन और दस्तावेजों पर है। इन शिकायतों में लोन दिलाने के नाम पर रकम लेने और बाद में उसे हड़पने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इन मामलों में आरोपों की पुष्टि के लिए बैंक खातों और दूसरे दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
डा. परमात्मा की ओर से पांच अगस्त को एम्स थाने में दर्ज कराए गए 1.40 करोड़ रुपये की ठगी के मुकदमे के बाद गरिमा गिरोह के खिलाफ तीन अन्य एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं। अब छह और प्रार्थनापत्र पुलिस के पास हैं। अधिकारियों ने इनकी जांच पूरी कर जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस शिकायतकर्ताओं से उपलब्ध दस्तावेज ले रही है। लोन की प्रक्रिया में इस्तेमाल हुए कागजात, बैंक खातों में रकम पहुंचने और वहां से आगे हुए लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी देख रही है कि अलग-अलग मामलों में आरोपितों ने एक ही तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाया या तरीका अलग था। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर इन शिकायतों में भी मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। इससे गरिमा और उसके साथ जुड़े लोगों पर दर्ज मामलों की संख्या और बढ़ सकती है। पुलिस को गोरखपुर के बाहर भी गरिमा के खिलाफ शिकायतें मिलने की जानकारी मिली है।
कुशीनगर समेत कुछ अन्य जिलों में तहरीर दिए जाने की बात सामने आई है। संबंधित जिलों की पुलिस शिकायतों की जांच कर रही है। इस बीच डा. परमात्मा की खुदकुशी से जुड़े मामले में सामने आए सुसाइड नोट और 1.40 करोड़ रुपये की लोन जालसाजी के मामले की कड़ियों को भी पुलिस अलग से जोड़ रही है।
अब जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि लोन के नाम पर जुटाई गई रकम का नेटवर्क कितना बड़ा था और उसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच चल रही है। आरोपितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
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कर्ज में डूबे डाक्टर ने कर ली थी खुदकुशी
गोरखनाथ के राजेन्द्र नगर स्थित बसंत इनक्लवे अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गुरुवार की सुबह कूदकर पशु चिकित्सक डा. परमात्मा की खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर जालसाजी करने की आरोपित गरिमा सिंह सहित समेत अन्य के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है। मूल रुप से मऊ जिले के रहने वाले डा. परमात्मा की पत्नी सावित्री भी पशु चिकित्सक हैं। दोनों की तैनाती महराजगंज जिले में थी।
पत्नी का आरोप है कि गरिमा सिंह ने 1.40 करोड़ रुपये का लोन कराकर सारा पैसा हड़प लिया था। ईएमआई को लेकर बैंक से लगातार दबाव बनाया जा रहा था। लोन की किस्त उनके वेतन से भी दोगुणा थी। इन सब दबाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है।

