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गोरखपुर डॉ. परमात्मा खुदकुशी मामला: 'मैं बनूंगी अरबपति', रोज डायरी लिख रही आरोपी गरिमा ने ऐसे ठगे ₹4 करोड़

Updated: Fri, 14 Aug 2026 10:21 AM (IST)

गोरखपुर में गरिमा सिंह ने अरबपति बनने के लिए लोगों को लोन दिलाने और जमा कराने का झांसा देकर करीब चार करोड़ रुपये की ठगी की। पुलिस को उसकी डायरी मिली ज ...और पढ़ें

गरिमा की डायरी में 12 पेज में लिखे मिले थे अरबपति बनने की बात। जागरण

गरिमा की डायरी में 12 पेज में लिखे मिले थे अरबपति बनने की बात। जागरण

HighLights

  1. गरिमा सिंह ने अरबपति बनने के लिए की करोड़ों की ठगी।

  2. पुलिस को मिली डायरी में लिखा था 2026 तक 100 करोड़ का लक्ष्य।

  3. पिता ध्रुव नारायण सिंह भी बेटी के साथ ठगी में शामिल।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। महत्वाकांक्षी गरिमा सिंह अरबपति बनने के लिए लोगों को लोन दिलाने और उसे जमा कराने का झांसा देकर ठगी करती थी। जेल भेजने के बाद एम्स पुलिस को उसके घर से एक डायरी बरामद हुई थी, जिसमें वह लिखी थी कि 'मैं बनूंगी अरबपति'।

पुलिस के अनुसार गरिमा ने 10 से अधिक लोगों से करीब चार करोड़ रुपये की ठगी की है। इसमें डा. परमात्मा सिंह से अकेले 1.40 करोड़ की ठगी की है। जांच के दौरान पुलिस को गरिमा की एक डायरी भी मिली है, जिसमें उसने अपने आर्थिक लक्ष्य को रोज दर्ज किया था।

डायरी में गरिमा ने लिखा था, “मैं गरिमा सिंह, अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी। यह मेरा लक्ष्य है। मेरे सभी लोन अप्रैल से मई तक खत्म हो जाएंगे। अप्रैल से मई तक मेरा लक्ष्य 100 करोड़ रुपये कमाना है।” पुलिस के अनुसार, डायरी में इस तरह की कई बातें लिखी मिली हैं।

एम्स थाना क्षेत्र के महादेवी झारखंडी कालोनी निवासी ध्रुव नारायण सिंह सहजनवां रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक थे। उनकी बेटी गरिमा की शादी वर्ष 2020 में कुशीनगर निवासी भानू प्रताप सिंह से हुई थी। पुलिस के अनुसार, ठेकेदारी का काम प्रभावित होने के बाद भानू प्रताप दो वर्ष पहले पत्नी के साथ ससुर के घर रहने लगा था।

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इधर, गरिमा ने लोन लेने के इच्छुक और पहले से कर्ज लेने वाले लोगों को निशाना बनाया। वह लोगों को लोन दिलाने और उसकी किस्त खुद जमा करने का भरोसा देती थी। बैंक से लोन स्वीकृत होने के बाद वह लोगों से रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा लेती थी और कुछ हिस्सा संबंधित व्यक्ति को दे देती थी।

मामले का पर्दाफाश रेलवे कर्मचारी सत्यप्रकाश सिंह की शिकायत के बाद हुआ, जिसके बाद पुलिस आरोपित गरिमा और उसे पिता ध्रुव नारायण सिंह को जेल भेजा। इसके बाद एम्स थाने में दूसरा मुकदमा पांच अगस्त को डा. परमात्मा सिंह की तहरीर पर दर्ज किया गया।

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पिता के माध्यम से लोगों से करती थी ठगी
आरोपित गरिमा अपने पिता ध्रुव नारायण सिंह के माध्यम से लोगों से ठगी करती थी। पीड़ित रेलवे कर्मचारी सत्यप्रकाश सिंह को भी आरोपित ने अपने पिता के माध्यम से संपर्क किया था। इसके बाद उन्हें छह अलग-अलग बैंकों से 1.67 करोड़ रुपये का लोन दिलाया और ब्याज जमा करने के नाम पर पूरी रकम अपने खाते में मंगा ली।

इसी क्रम में आरोपित गरिमा ने सहजनवा रेलवे स्टेशन पर तैनात कामर्शियल क्लर्क संदीप कुमार पांडेय से भी 60.50 लाख रुपये की ठगी की थी। संदीप की तहरीर पर सहजनवा थाने में आरोपित बाप-बेटी पर मुकदमा दर्ज है।