गोरखपुर में आवारा कुत्तों के झुंड ने 300 भेड़ों पर किया हमला, 120 की हो गई मौत
गोरखपुर के कैंपियरगंज में आवारा कुत्तों के झुंड ने 300 भेड़ों पर हमला कर दिया, जिससे भगदड़ मच गई और 120 भेड़ों की मौत हो गई, जिनमें कई गर्भवती थीं।

गोरखपुर में आवारा कुत्तों के झुंट ने 300 भेड़ों पर किया हमला।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, गोरखपुर। कैंपियरगंज क्षेत्र में आवारा कुत्तों के झुंड ने रिगौली बंधे के किनारे मंगलवार तड़के तीन बजे 300 भेड़ों पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से भेड़ों में भगदड़ मच गई।
एक-दूसरे के ऊपर चढ़ने और दबने से करीब 120 भेड़ों की मौत हो गई। मृत भेड़ों में बड़ी संख्या में गर्भवती भेड़ें भी शामिल बताई जा रही हैं। घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक क्षति हुई है।
भेड़पालक पिछले चार दिनों से रिगौली बंधे के किनारे रात में भेड़ों के साथ ठहरे हुए थे। मंगलवार रात बूंदाबांदी के दौरान चरवाहे भेड़ों के बच्चों को लेकर पास के एक खाली मकान में चले गए।
दो चरवाहे भेड़ों की रखवाली के लिए वहीं रुके थे। इसी दौरान उनकी आंख लग गई। आरोप है कि इसी बीच राप्ती नदी स्थित श्मशान घाट की ओर से आठ-दस कुत्तों का झुंड पहुंचा और भेड़ों पर हमला कर दिया।
चरवाहों के मुताबिक, कुत्तों ने भेड़ों को नोचना शुरू कर दिया। कुत्तों के हमले से बचने के लिए भेड़ों में भगदड़ मच गई। बड़ी संख्या में भेड़ें एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गईं और दबने से उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पशु चिकित्साधिकारी डा. राकेश कुमार द्विवेदी और मुकेश साहनी मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने घायल भेड़ों का उपचार किया। घटना के बाद क्षेत्र में ग्रामीणों और पशुपालकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि करमैनी घाट श्मशान घाट के आसपास लंबे समय से कुत्तों के झुंड सक्रिय हैं, जो अंतिम संसकार के बाद बचे शवों को खाकर आदमखोर हो चुके है। रिगौली, भैंसला और बेलौहा क्षेत्र में सैकड़ों बकरियों और दर्जनों दुधारू पशुओं पर भी कुत्तों के हमले का ग्रामीणों ने दावा किया है।
उनका कहना है कि कुत्तों के झुंड रात में गांवों की ओर निकल आते हैं, जिससे लोगों में भय बना रहता है। ग्रामीण जितेंद्र सिंघानिया, रामनयन साहनी, संदीप साहनी और विकास कुमार ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते कुत्तों के आतंक पर अंकुश नहीं लगाया गया तो बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। कैंपियरगंज के एसडीएम आलोक रंजन सिंह ने बताया कि घटना दुखद है। मामले की जांच कराई जाएगी और प्रशासन व शासन स्तर से नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश द्विवेदी ने कहा कि करीब 120 भेड़ों की मौत हुई है। इसमें कुछ की भगदड़ से मौत हुई है तो कुछ को कुत्तों ने नोंच कर मार डाला है। मरने वालों 12 से अधिक भेड़ गर्भवती थी।

