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गोरखपुर कैंट-उनौला के बीच 120 की रफ्तार से दौड़ी सीआरएस की ट्रेन, 90 KM/घंटा की गति से ट्रेन संचालन को मिली हरी झंडी

Published: Fri, 04 Sep 2026 11:37 AM (IST)

गोरखपुर कैंट-उनौला नई डबल रेल लाइन पर रेल संरक्षा आयुक्त ने 120 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रेन का परीक्षण किया। ...और पढ़ें

गोरखपुर कैंट स्टेशन निरीक्षण करते रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्व सर्किलई. श्रीनिवास साथ में मंडल रेल प्रबन्धक, वाराणसी आशीष जैन एवं मंडल रेल प्रबन्धक, लखनऊ गौरवअग्रवाल। फोटो- रेलवे

गोरखपुर कैंट स्टेशन निरीक्षण करते रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्व सर्किलई. श्रीनिवास साथ में मंडल रेल प्रबन्धक, वाराणसी आशीष जैन एवं मंडल रेल प्रबन्धक, लखनऊ गौरवअग्रवाल। फोटो- रेलवे 

HighLights

  1. सीआरएस ने गोरखपुर कैंट-उनौला डबल लाइन का निरीक्षण किया।

  2. स्पेशल ट्रेन ने 120 किमी/घंटा की गति का परीक्षण किया।

  3. 90 किमी/घंटा की अधिकतम गति से संचालन की अनुमति मिली।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर कैंट-उनौला नई डबल रेल लाइन पर गुरुवार को रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्व सर्किल (सीआरएस) ई. श्रीनिवास की स्पेशल ट्रेन 120 की रफ्तार से दौड़ी। इस दौरान सीआरएस ने लाइन पर ट्रेन की गति का परीक्षण किया। इसके पूर्व उन्होंने लाइन का गहन निरीक्षण कर साथ चल रहे संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया।

देर रात सीआरएस ने डबल रेल लाइन पर अधिकतम 90 किमी की गति से ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी। इसके साथ ही पिपराइच तक डबल रेल लाइन पर ट्रेनों का संचालन सामान्य हो गया। उनौला से पिपराइच तक डबल लाइन पहले से बिछ चुकी है। पिपराइच तक ट्रैक क्षमता बढ़ गई है।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार के अनुसार रेल संरक्षा आयुक्त ने निरीक्षण की शुरुआत गोरखपुर छावनी स्टेशन से की। उन्होंने स्टेशन पर चल रहे यार्ड रिमाडलिंग कार्यों, वीडीयू पैनल, रिले रूम तथा उनौला छोर पर संरक्षा उपकरणों में किए गए बदलावों का निरीक्षण कर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। नव विद्युतीकृत लाइन में प्रयुक्त विभिन्न फिटिंग्स की मानक स्थिति की जांच की। इसके साथ ही गोरखपुर छावनी स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों की ऊंचाई एवं ट्रैक के केंद्र से उनकी दूरी का मापन किया।

इसके पश्चात रेल संरक्षा आयुक्त मोटर ट्राली से ब्लाक खंड का निरीक्षण करते हुए आगे बढ़े। समपार संख्या 2-सी का दोहरीकृत रेल खंड के अनुरूप किए गए बदलावों का निरीक्षण किया तथा गेटमैन के संरक्षा ज्ञान को परखा।

मोटर ट्राली से गोरखपुर छावनी-उनौला ब्लाक खंड के निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त ने रेलपथ, बैलास्ट, ओवरहेड ट्रैक्शन लाइन, सिगनल पोस्ट एवं पोल्स की मानक स्थिति का परीक्षण किया। इसके अतिरिक्त मार्ग में पड़ने वाले पुलों/पुलिया, समपार फाटकों आदि का संरक्षा की दृष्टि से निरीक्षण किया।

इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण अनुज मित्तल, मंडल रेल प्रबन्धक, वाराणसी आशीष जैन, मंडल रेल प्रबन्धक, लखनऊ गौरव अग्रवाल सहित निर्माण संगठन, मुख्यालय एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गोरखपुर कैंट से वाल्मीकिनगर तक बिछेगी डबल रेल लाइन
गोरखपुर-वाल्मीकिनगर रेलमार्ग का दोहरीकरण (डबल लाइन) हो रहा है। जो पांच चरण में पूरा होगा। पहले चरण में कैंट-पिपराइच (16.09 किमी), द्वितीय चरण में पिपराइच-कप्तानगंज (19.72 किमी), तृतीय चरण में कप्तानगंज-सिसवा बाजार (26.16 किमी), चौथे चरण में सिसवा बाजार-पनियहवा (20.87 किमी) तथा पांचवें चरण में पनियहवा-वाल्मीकीनगर (13.10 किमी) का निर्माण कार्य पूरा होगा।

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गोरखपुर कैंट-वाल्मीकीनगर खण्ड (95.95 किमी) के दोहरीकरण के लिए रेल मंत्रालय ने 1120.66 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इस रेलमार्ग पर नौ क्रासिंग स्टेशन, तीन हाल्ट स्टेशन, 10 बड़े व 43 छोटे और एक महत्वपूर्ण पुल बनाए जाने हैं। पनियहवा-वाल्मीकिनगर के बीच नारायणी नदी (गंडक) पर रेलवे का 854 मीटर लंबा महत्वपूर्ण पुल बनेगा।

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