यूपी में 1.14 लाख जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा पक्का मकान, 3 किस्तों में योगी सरकार देगी 1.20 लाख रुपए
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गोंडा सहित अन्य जिलों में 1.14 लाख से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलेगी। ॉ ...और पढ़ें

झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले 1.14 लाख जरूरतमंदों को मिलेगा आवास

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संवाद सूत्र, गोंडा। गांवों में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले परिवारों को पक्की छत देने के लिए कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गोंडा समेत अन्य जिलों में एक लाख 14 हजार 167 पात्रों को लाभ मिलेगा।
उपायुक्त ग्राम्य विकास अखिलेश सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिलेवार लक्ष्य का आवंटन जारी कर दिया है। संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुसार पात्रों का चयन करके पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पात्रता की शर्तें
इस योजना का लाभ दिव्यांग, निराश्रित महिला, आश्रय विहीन, बेसहारा, भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले, हाथ से मैला ढोने वाले अनुसूचित जन जाति, अग्निपीड़ित, बाढ़ पीड़ितों, कुष्ठ रोग पीड़ित, जेई, एईएस पीड़ित को देने की व्यवस्था है।
तीन किस्तों में मिलेंगे 1.20 लाख रुपये
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चयनित प्रत्येक लाभार्थी को आवास निर्माण के लिए तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये मिलेंगे। प्रथम किस्त 40 हजार रुपये, द्वितीय किस्त 70 हजार रुपये व तृतीय किस्त के रूप में दस हजार रुपये मिलेंगे।
पात्रों का चयन ग्राम पंचायत स्तर से कराकर बीडीओ प्रस्ताव डीआरडीए को भेजेंगे, इसके बाद जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाकर जांच कराई जाएगी।
जांच में पात्र मिलने पर ही लाभ दिया जाएगा। यदि कहीं कोई लाभार्थी अपात्र मिला तो इसके लिए ग्राम पंचायत, ब्लॉक व जिला स्तरीय समिति की जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई की जाएगी।
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जिलेवार आवंटित लक्ष्य की सूची
| जिला | आवंटित लक्ष्य (संख्या) |
| सीतापुर | 5919 |
| गोंडा | 4052 |
| लखीमपुर खीरी | 3725 |
| बाराबंकी | 2655 |
| हरदोई | 2386 |
| बहराइच | 2282 |
| सुलतानपुर | 2212 |
| अमेठी | 1775 |
| श्रावस्ती | 1273 |
| अंबेडकरनगर | 1087 |
| रायबरेली | 972 |
| अयोध्या | 805 |
| बलरामपुर | 619 |
| लखनऊ | 270 |
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत शासन से लक्ष्य मिला है। ब्लॉकवार लक्ष्य आवंटित करके पात्रों की सूची मांगी गई है। सूची आने के बाद जिला स्तरीय अधिकारियों से सत्यापन कराया जाएगा।
सुशील कुमार पांडेय, परियोजना निदेशक डीआरडीए