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    'भूपेंद्र हुड्डा के दबाव में पहलवान आई थीं आगे', बृजभूषण सिंह ने साजिश करने वालों पर बोला हमला

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 05:41 AM (IST)

    बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में हरियाणा के महादेव रेसलिंग एकेडमी और हुड्डा परिवार पर साजिश का आरोप लगाया है। ...और पढ़ें

    दीपेंद्र हुड्डा के दबाव में महिला पहलवानों ने लगाए थे आरोप: बृजभूषण शरण सिंह।

    दीपेंद्र हुड्डा के दबाव में महिला पहलवानों ने लगाए थे आरोप: बृजभूषण शरण सिंह।

    HighLights

    1. बृजभूषण ने हुड्डा परिवार पर पहलवानों के मामले में साजिश का आरोप लगाया।

    2. कहा, दीपेंद्र हुड्डा को चुनाव हराना साजिश का मुख्य कारण था।

    3. अदालत के फैसले ने उनकी शुरुआती बातों को सही साबित किया।

    जागरण संवाददाता, गोंडा। कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों से यौन शोषण के मामले को लेकर हरियाणा के महादेव रेसलिंग एकेडमी और हुड्डा परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    नवाबगंज के विश्नोहरपुर स्थित आवास पर पूर्व सांसद ने कहा कि मेरे खिलाफ कथित साजिश के पीछे कई कारण थे। सबसे पहला कारण यह था कि मैंने भूपेंद्र हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा को चुनाव में हराया था। उस समय भूपेंद्र हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। मैं अकेले चुनाव लड़ रहा था, लेकिन देश के लोगों ने मुझ पर भरोसा किया और मैं लगातार जीतता रहा।

    मैंने जो दावा किया था- बृजभूषण

    बृजभूषण ने अदालत के निर्णय की प्रति मिलने के बाद दावा किया कि 18 जनवरी 2023 को उन्होंने जो बातें कही थीं, कोर्ट के फैसले से वही बातें साबित हुई हैं। पहलवानों की ओर से अलग-अलग स्तर पर दिए गए बयानों में विरोधाभास था और अदालत में दो पीड़ित लड़कियों के बयान दर्ज किए गए, जिसके आधार पर फैसला आया।

    उन्होंने कहा कि अदालत का 'एक परिवार, एक अखाड़ा' वाला निष्कर्ष उनके बयान के आधार पर नहीं, बल्कि दो पीड़ित लड़कियों द्वारा जज के चैंबर में दिए गए बयानों के आधार पर आया है। बृजभूषण ने यह भी कहा कि अदालत के फैसले से उन्हें खुशी है, क्योंकि उनके मुताबिक उन्होंने शुरुआत से जो बातें कही थीं, वही अब न्यायिक रिकॉर्ड में सामने आई हैं।

    पहलवान चाहते सीधे मुकाबले में जाएं

    पूर्व सांसद ने कहा कि इसके अलावा उन्होंने जूनियर पहलवानों के हित में कुछ नियमों में बदलाव किए थे। उनके मुताबिक, नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लेना जरूरी किया गया था और किसी कारण से ऐसा नहीं कर पाने वाले खिलाड़ियों के लिए मेडिकल जैसी व्यवस्था जरूरी की गई थी। कैंप में रहना और बड़े टूर्नामेंट के दौरान ट्रायल की व्यवस्था भी जरूरी की गई थी।

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    बृजभूषण ने आरोप लगाया कि कुछ पहलवान चाहते थे कि उन्हें बिना जिला, स्टेट और नेशनल स्तर की प्रक्रिया से गुजरे सीधे बड़े मुकाबलों में भेज दिया जाए। उन्होंने कहा कि नियमों में बदलाव को लेकर भी विरोध हुआ और बाद में यह पूरा मामला राजनीतिक दलों के हाथ में चला गया।

    शपथ पत्र को वकील ने कूड़ा बताया- बृजभूषण

    पूर्व सांसद ने कहा कि पहलवानों की गवाही और बयानों में विरोधाभास का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ पहलवान हिसार और रोहतक से थे, लेकिन सभी का पता बजरंग पूनिया के नाम से दिया गया था।

    उनके मुताबिक, ओवरसाइट कमेटी के सामने अलग बयान दिया गया, शपथ पत्र में कुछ और बातें कही गईं और अंतिम गवाही के दौरान उनके वकील ने उसी शपथ पत्र को 'कूड़ा' बताते हुए उसकी वैल्यू से इनकार किया।

    उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के दौरान वह किसी भी घटना के समय पहलवानों के साथ मौजूद नहीं थे। सिंह ने कहा कि अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग बयान दिए गए और अदालत के रिकॉर्ड से भी कई बातें स्पष्ट हुई हैं।

    पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि दो पीड़ित लड़कियों ने जज के चैंबर में जाकर अपनी बात रखी थी। उनके अनुसार, इन बयानों को अदालत में रिकॉर्ड किया गया और फैसले में इन्हीं तथ्यों को आधार बनाया गया।

    42 लोग थे शामिल, कुछ उद्योगपतियों ने खोल दिया था खजाना

    यह पूछे जाने पर कि कथित साजिश में कितने लोग शामिल थे, बृजभूषण ने दावा किया कि इसमें करीब 42 लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि इसमें बड़े-बड़े नाम हैं और कुछ उद्योगपतियों ने कथित तौर पर अपना खजाना खोल दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया में उनके खिलाफ लगातार बहस चलाकर उन्हें बलात्कारी के रूप में पेश किया गया।

    बृजभूषण ने कहा कि उन पर ऐसा माहौल बनाया गया, जैसे उनसे बड़ा रेपिस्ट देश में कोई नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद से भारतीय ही नहीं, बल्कि दुनिया की खेल व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा। उनके मुताबिक, महिला खिलाड़ियों और उनके परिवारों पर भी इसका असर पड़ा और खेल जगत की छवि खराब हुई।

    उन्होंने आरोप लगाया कि पहलवानों का आंदोलन बाद में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों का 'खिलौना' बन गया। उन्होंने कहा कि कई नेताओं ने इस मुद्दे पर कैंडल मार्च निकाला। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    यूपी चुनाव पर बोले: कांग्रेस की अपनी हैसियत नहीं, सपा के सहारे चुनाव लड़ेगी

    आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि कांग्रेस की अपनी कोई राजनीतिक ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समाजवादी पार्टी के सहारे या उसके कंधे पर बैठकर ही चुनाव लड़ सकती है।

    गठबंधन की स्थिति में कांग्रेस को कुछ सीटें मिल सकती हैं या नहीं भी मिल सकतीं, लेकिन वह इसकी कोई भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की अपनी कोई बड़ी राजनीतिक हैसियत नहीं है। उन्होंने कहा कि आगे भी वह अपने राजनीतिक और सार्वजनिक रुख पर कायम रहेंगे।

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