आक्रामक अंदाज में यूपी की चुनावी पिच पर लौटे आकाश आनंद, BJP से लेकर सपा-कांग्रेस तक पर दिखाए तीखे तेवर
मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए आक्रामक अभियान शुरू किया, जिसमें भाजपा, सपा और कांग्रेस पर तीखे हमले किए गए। हाथरस में जनसभा ...और पढ़ें

सादाबाद में बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद।
HighLights
आकाश आनंद ने यूपी चुनाव अभियान आक्रामक अंदाज में शुरू किया।
भाजपा, सपा और कांग्रेस पर तीखे हमले किए, मुद्दों पर घेरा।
हाथरस जनसभा में सरकार से 10 साल का हिसाब मांगा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पिछले कई चुनावों से कमजोर प्रदर्शन कर रही बसपा को अगले विधान सभा चुनाव में सफलता का स्वाद चखाने के लिए मायावती के भतीजे एवं पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने सोमवार को चुनावी अभियान का आगाज अपने पुराने आक्रामक अंदाज में ही किया।
सपा-कांग्रेस पर तो निशाना साधा ही परंतु सबसे ज्यादा हमले केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर किए। पेपर लीक, आरक्षण से लेकर निर्माण योजनाओं में भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा तक पर हमला बोला।
पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के विरुद्ध उनके आक्रामक भाषण के बाद ही मायावती ने उन्हें चुनाव के प्रचार से हटा लिया था, ऐसे में उनके इस तेवर के बाद सियासी चर्चाएं गर्म हो गई हैं।
सोमवार को हाथरस में आयोजित पार्टी की जनसभा में आकाश आनंद से योगी सरकार पर तीखे हमले किए। सरकार से 10 साल का हिसाब मांगने के साथ कहा कि इस बार चुनाव में हाथी के सामने वाला बटन दबाकर कमल को कीचड़ में फेंकने का काम करें।
उन्होंने नितिन गडकरी के भारत की सड़कों को अमेरिका जैसा बनाने के एक बयान उल्लेख कर कहा कि देश का सबसे महंगा और घटिया एक्सप्रेस वे यहां बना है। वहीं उन्होंने जेन जी के आंदोलन का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर अंकल कहकर तंज किया और बहुजन समाज की अनदेखी का आरोप लगाया।
इस बहाने उन्होंने खुद को युवा भी दर्शाने की भी कोशिश की। उनके इन तेवरों वाले भाषण के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष बसपा प्रमुख ने पहले भतीजे के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित किया था और फिर आकाश को भी अपरिपक्व बता बाहर करने के साथ अपना उत्तराधिकारी न होने की भी बात कही थी। 41 दिन बाद आकाश की वापसी के बाद अशोक सिद्धार्थ भी पार्टी में आ गए थे लेकिन हाल ही में अशोक को फिर से मायावती ने पार्टी का बाहर कर दिया है।