गंगा की लहरों पर सवार होकर गाजीपुर रुकेगा विदेशी क्रूज, क्या है 'एमवी राजमहल' की खासियत
एमवी राजमहल क्रूज 21 सितंबर को 30 विदेशी पर्यटकों के साथ गाजीपुर पहुंचेगा, जहां वे लार्ड कार्नवालिस की ऐतिहासिक धरोहर का भ्रमण करेंगे।

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।
HighLights
एमवी राजमहल क्रूज 21 सितंबर को गाजीपुर पहुंचेगा।
30 विदेशी पर्यटक लार्ड कार्नवालिस की धरोहर देखेंगे।
क्रूज में 22 केबिन, फ्रेंच बालकनी और लग्जरी सुविधाएं।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। गंगा की लहरों पर सवार होकर विदेशी पर्यटकों को लेकर चल रहा तीन मंजिला एमवी राजमहल क्रूज वापसी में 21 सितंबर को गाजीपुर पहुंचेगा।
वाराणसी से 18 सितंबर को रवाना होने के बाद चौथे दिन क्रूज जिले में पहुंचेगा। यहां 30 विदेशी पर्यटकों को लार्ड कार्नवालिस की ऐतिहासिक धरोहर का भ्रमण कराया जाएगा।
गंगा के जलमार्ग से विदेशी पर्यटकों के गाजीपुर पहुंचने से जिले की ऐतिहासिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर पहचान मिलने की उम्मीद है।
क्रूज 26 अगस्त को कोलकाता से 30 विदेशी पर्यटकों को लेकर वाराणसी के लिए रवाना हुआ है। करीब 20 दिन की इस यात्रा में पर्यटक गंगा किनारे बसे बक्सर, पटना, फरक्का और साहिबगंज सहित प्रमुख धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।
15 सितंबर को वाराणसी पहुंचने के बाद पर्यटकों का आगे का कार्यक्रम तय है। मार्केटिंग मैनेजर मुरली सुंदरम के अनुसार वापसी में क्रूज 18 सितंबर को वाराणसी से चलेगा और 21 सितंबर को गाजीपुर पहुंचेगा। यहां भ्रमण के बाद छठे दिन कोलकाता के हावड़ा पहुंचेगा।
55 मीटर लंबा, 22 केबिन की सुविधा
एमवी राजमहल करीब 55 मीटर लंबा अंतरराष्ट्रीय स्तर का तीन मंजिला क्रूज है। इसमें 22 केबिन हैं, जिनमें 18 डबल/ट्विन और चार सिंगल केबिन शामिल हैं। कमरों में बड़ी कांच की खिड़कियां और फ्रेंच बालकनी हैं। क्रूज में डाइनिंग हाल, स्पा, लाइब्रेरी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुविधा भी है।
1.35 से 3.62 लाख रुपये तक किराया
क्रूज का प्रति यात्री किराया करीब 1440 से 3840 डालर यानी लगभग 1.35 लाख से 3.62 लाख रुपये तक है। क्रूज का संचालन मुख्य रूप से गंगा और हुगली नदी पर होता है।
मुरली सुंदरम ने बताया कि एक अन्य पर्यटक जहाज तीन सितंबर को भी रवाना हुआ है, जो 11 सितंबर तक पटना पहुंचेगा और वहां से वाराणसी की ओर आएगा।
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