रजापुर समेत मेरठ मंडल के 16 ब्लॉकों में PBI भुगतान में देरी, स्वास्थ्यकर्मियों की ग्रेडिंग अटकी
गाजियाबाद के रजापुर समेत मंडल के 16 विकास खंडों में स्वास्थ्यकर्मियों को पीबीआइ भुगतान धीमी गति से हो रहा है, जिससे उनकी ग्रेडिंग और स्वास्थ्य सेवाएं ...और पढ़ें

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HighLights
रजापुर समेत 16 ब्लॉकों में पीबीआइ भुगतान धीमा।
सीएचओ और एमओआइसी की लापरवाही से भुगतान अटका।
स्वास्थ्यकर्मियों की ग्रेडिंग और सेवाएं प्रभावित, निर्देश जारी।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। मंडल में गाजियाबाद के रजापुर समेत 16 विकास खंड़ों में पीबीआइ (परफारमेंस बेस्ड इंसेंटिव) भुगतान धीमी गति से किया जा रहा है। कहीं सीएचओ ने दाखिल नहीं किया तो कहीं एमओआइसी (मेडिकल आफिसर्स इंचार्ज)ने मंजूरी नहीं दी है।
इसके चलते स्वास्थ्यकर्मियों की ग्रेडिंग का काम अटका हुआ है। यह इंसेंटिव आशा, एएनएम,सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी(सीएचओ), यूपीएचसी,सीएचसी,पीएचसी के अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर तैनात चिकित्सकों को भी मिलता है।
स्वास्थ्य विभाग की जन कल्याणकारी योजनाओं के साथ संचारी रोग अभियान, पोलियो अभियान,जननी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसे कार्यक्रमों में काम करने पर यह इंसेंटिव एनएचएम बजट से जारी होता है।
कई स्तर पर बरती जा रही है लापरवाही
यह इंसेंटिव दो हजार रूपये से लेकर 25 हजार रूपये तक मासिक होता है। हाल ही में मंडल स्तर पर हुई समीक्षा में पता चला है कि मेरठ जोन के छह जिलों के 16 विकास खंड़ों में इंसेंटिव भुगतान को लेकर कई स्तर पर लापरवाही एवं ढील बरती जा रही है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर इसका भुगतान अटकने से स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोरी की भी पोल खुल रही है। अपर निदेशक एवं क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से इस संबंध में सभी जिलों के सीएमओ एवं ब्लाक प्रबंधकों को पत्र भेजकर भुगतान के निर्देश जारी किये हैं।
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इन ब्लाक में अटका पीबीआइ (PBI)
प्रभावित ब्लॉकों की सूची निम्नलिखित है: