गाजियाबाद: विधायक निधि खर्च करने में मोदीनगर-मुरादनगर के विधायक पिछड़े, चुनाव से पहले चुनौती
गाजियाबाद में मोदीनगर और मुरादनगर के विधायक वित्तीय वर्ष 2025-26 की विधायक निधि खर्च करने में पीछे हैं। प्रत्येक विधायक को विकास कार्यों हेतु 5 करोड़ ...और पढ़ें
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गाजियाबाद में मोदीनगर और मुरादनगर के विधायक वित्तीय वर्ष 2025-26 की विधायक निधि खर्च करने में पीछे हैं। इमेज एआई
HighLights
मोदीनगर और मुरादनगर विधायक निधि खर्च में पीछे।
2025-26 की बची निधि अब मौजूदा वर्ष में होगी खर्च।
2027 चुनाव से पहले आचार संहिता लागू होने की संभावना।
अभिषेक सिंह, गाजियाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए पांच करोड़ रुपये प्रत्येक विधायक को दिए जाते हैं। जिले में विकास कार्य के लिए विधायक निधि खर्च करने में माेदीनगर और मुरादनगर विधायक पीछे चल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025 -26 समाप्त हो चुका है, अब भी इन दोनों विधायकों के पास विधायक निधि बची हुई है।
बची हुई विधायक निधि का इस्तेमाल उनको अब मौजूदा वित्तीय वर्ष में विकास कार्य कराने में करना होगा। वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही आचार संहिता भी लागू हो सकती है। आचार संहिता लागू होने के बाद प्रस्ताव नहीं लिए जाएंगे।
बची हुई धनराशि को विधानसभा चुनाव के बाद संबंधित विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक ही विकास कराने में कर सकेंगे। ऐसे में उम्मीद है कि इस साल शत प्रतिशत विकास निधि का इस्तेमाल विधायकों द्वारा किया जाएगा, जिससे कि चुनाव से पहले मतदाताओं को भी साधा जा सके।
वित्तीय वर्ष 2025 - 26 में प्रत्येक विधायक को पांच करोड़ रुपये विकास कार्याें पर खर्च करने के लिए मिले। मुरादनगर और साहिबाबाद विधायक के पास वित्तीय वर्ष 2024 - 25 की निधि भी बची थी, जिसका इस्तेमाल उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025 -26 में किया है। लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने पांच करोड़ रुपये की विधायक निधि से लगभग दो माह पहले ही विकास कार्य पूरे करा लिए।
शहर विधायक संजीव शर्मा ने भी शत प्रतिशत धनराशि खर्च कर दी है। साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा ने वित्तीय वर्ष की समाप्ति से कुछ माह पहले ही विकास कार्य के लिए प्रस्ताव देने शुरू किए, उनके द्वारा दिए गए सभी प्रस्ताव स्वीकृत हो गए हैं। शत प्रतिशत विधायक निधि का इस्तेमाल इन विकास कार्याें में किया जाएगा।
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मुरादनगर विधायक अजितपाल त्यागी के पास अभी 3.25 करोड़ रुपये और मोदीनगर विधायक डा. मंजू शिवाच के पास 1.60 करोड़ रुपये की विधायक निधि शेष बची है, जिसे खर्च करने के लिए अभी प्रस्ताव नहीं दिए गए हैं।
नरेंद्र कश्यप ने कहां कराए अधिक विकास कार्य?
उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने प्रदेश सरकार से विकास के लिए मिले पांच करोड़ रुपये का इस्तेमाल गाजियाबाद के अलावा हापुड़, मथुरा और मुजफ्फरनगर में किया है। नरेंद्र कश्यप ने हापुड़ में 1.78 करोड़ रुपये, मथुरा में 89 लाख रुपये, मेरठ में 15 लाख रुपये, गाजियाबाद में 44.50 लाख रुपये से विकास कार्य कराए हैं।
शेष लगभग 1.73 करोड़ रुपये की निधि का इस्तेमाल मुजफ्फरनगर में विकास कार्य कराने में किया है। एमएलसी दिनेश गोयल ने शासन से मिले पांच करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं, उनके द्वारा प्रस्तावित 50 लाख रुपये के अतिरिक्त विकास कार्य फंड न होने के कारण नहीं हो सके हैं।
विधायकों के पास विधायक निधि शेष बची है, वह उसका इस्तेमाल वित्तीय वर्ष 2026 -27 में विकास कार्य के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी प्रत्येक विधायक को पांच करोड़ रुपये विकास कार्य के लिए शासन से मिलेंगे। - -प्रदीप पांडे, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग।
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