Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    शेयर बाजार और आईपीओ ठगी का मास्टरमाइंड गुरुग्राम से गिरफ्तार, करोड़ों की धोखाधड़ी

    Updated: Fri, 10 Apr 2026 12:21 AM (IST)

    नोएडा एसटीएफ ने गुरुग्राम से शेयर बाजार और आईपीओ धोखाधड़ी के मुख्य सरगना रूपेश भारद्वाज को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने 'एक्स ट्रेडर्स एंटरप्राइजेज' ना ...और पढ़ें

    नोएडा एसटीएफ ने गुरुग्राम से शेयर बाजार और आईपीओ धोखाधड़ी के मुख्य सरगना रूपेश भारद्वाज को गिरफ्तार किया है।

    नोएडा एसटीएफ ने गुरुग्राम से शेयर बाजार और आईपीओ धोखाधड़ी के मुख्य सरगना रूपेश भारद्वाज को गिरफ्तार किया है।

    HighLights

    1. शेयर बाजार, आईपीओ ठगी का सरगना गिरफ्तार।

    2. सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी।

    3. फर्जी कंपनी 'एक्स ट्रेडर्स एंटरप्राइजेज' बनाकर ठगा।

    जारगण संवाददाता, गाजियाबाद। शेयर बाजार और आइपीओ में पैसा लगाकर कई गुना मुनाफा कमाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का मुख्य सरगना को नोएडा एसटीएफ ने गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।

    हालांकि अभी तक ठगी की रकम का पता लगाने के लिए जांच जारी है। उसके पास फर्जी दस्तावेज, मोबाइल और बैंक से जुड़े रिकार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपित के खिलाफ विजय नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

    भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से मिली शिकायत के आधार पर एसटीएफ ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि एक्स ट्रेडर्स एंटरप्राइजेज नाम से फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को शेयर बाजार और आइपीओ में निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच दिया जाता था। गिरफ्तार आरोपित की पहचान रूपेश भारद्वाज निवासी साहिबाबाद, गाजियाबाद के रूप में हुई है।

    वह वर्तमान में गुरुग्राम (हरियाणा) में रह रहा था। जिसे एसटीएफ ने दबोच लिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई की है। उसने वर्ष 2020 में एक दोस्त के साथ शेयर ट्रेडिंग का काम सीखा था। उसने लोगों से पैसा इकट्ठा कर शेयर बाजार में निवेश कराना शुरू किया।

    वर्ष 2022-23 में एक्स ट्रेडर्स एंटरप्राइजेज नाम से कंपनी बनाकर गाजियाबाद में कार्यालय खोला। लोगों को आइपीओ में निवेश कराने का लालच देना शुरू किया। अधिक मुनाफे के लालच में कुछ लोग उसके जाल में फंस गए। लोगों से ठगी करने के बाद वह गाजियाबाद का ऑफिस बंद कर फरार हो गया। वह गुरुग्राम में छिपकर रहने लगा। जांच में सामने आया कि उसकी कंपनी सेबी में पंजीकृत नहीं थी और उसने फर्जी तरीके से कंपनी बनाकर नकली शेयर सर्टिफिकेट तक जारी किए।

    खबरें और भी

    आरोपित के खिलाफ पूर्व में 16 शिकायतें दर्ज 

    आरोपित के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में करीब 14 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज मिली हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। जबकि कर्नाटक में आइटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

    यह भी पढ़ें: गाजियाबाद में जींस कारोबारी की आत्महत्या मामले में खुलासा, महिला मित्र को भेजा था फंदा लगाने का फोटो