विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गाजियाबाद में वायु प्रदूषण से मिलेगी राहत, 191 किमी सड़कें बनेंगी; बढ़ेंगी स्वीपिंग मशीनें और एंटी स्माग गन

Published: Wed, 19 Aug 2026 07:13 AM (IST)

गाजियाबाद नगर निगम ने वायु गुणवत्ता सुधार के लिए अपनी वार्षिक कार्ययोजना में 191 किलोमीटर सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

एआई जेनेरेटेड इमेज।

HighLights

  1. 191 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण कर धूल कम होगी।

  2. रोड स्वीपिंग मशीनें 13 से बढ़कर 25 होंगी, सफाई बढ़ेगी।

  3. एंटी-स्मॉग गन की संख्या 15 से 20 की जाएगी प्रदूषण नियंत्रण हेतु।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए नगर निगम ने सड़क निर्माण और धूल नियंत्रण को अपनी वार्षिक कार्ययोजना में प्रमुखता दी है। आगामी वर्ष में करीब 191 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।

सड़कों से धूल हटाने के लिए रोड स्वीपिंग मशीनों की संख्या 13 से बढ़ाकर 25 की जाएगी। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण के लिए इस्तेमाल होने वाली एंटी स्माग गन की संख्या भी 15 से बढ़ाकर 20 करने कर दी जाएगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।

निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि वायु गुणवत्ता सुधार के तहत 163 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया था। इसमें से 37 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। अब 126 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाना बाकी है।

इसके अतिरिक्त शहर की 65 किलोमीटर अन्य प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। आगामी वर्ष में निगम ने कुल 191 किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य तैयार किया है।

अधिकारियों का मानना है कि जर्जर सड़कों में सुधार होने से धूल उड़ने की समस्या कम होगी और यातायात भी सुचारु होगा। वर्तमान में शहर की सड़कों की सफाई के लिए 13 रोड स्वीपिंग मशीनें काम कर रही हैं।

सड़कों से धूल को नियमित रूप से हटाने के लिए 12 नई मशीनें खरीदी जाएंगी। इनके शामिल होने के बाद मशीनों की संख्या बढ़कर 25 हो जाएगी। इसके अलावा पांच आधुनिक एंटी स्माग गन भी खरीदी जाएंगी। इस तरह निगम के पास कुल 20 एंटी स्माग गन हो जाएंगी।

इनका इस्तेमाल जरूरत के अनुसार प्रदूषण और धूल वाले क्षेत्रों में किया जाएगा। सीएंडडी वेस्ट के निस्तारण के लिए शहर के पांचों जोन में कलेक्शन प्वाइंट विकसित करने की तैयारी है।

इससे निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाले मलबे को सड़क किनारे या खुले स्थानों पर डाले जाने से रोका जा सकेगा। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन के काम में तेजी लाने और यातायात जाम वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां सुधार की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें- धनबाद वायु प्रदूषण: हाई कोर्ट ने केंद्र-राज्य सरकारों को ठोस रणनीति बनाने का निर्देश दिया

यह भी पढ़ें- IIT Kanpur का AI सेंसर बताएगा शहर में प्रदूषण का हाल, पता चलेगा किस गली-मोहल्ले से निकल रहा धुआं