धनबाद वायु प्रदूषण: हाई कोर्ट ने केंद्र-राज्य सरकारों को ठोस रणनीति बनाने का निर्देश दिया
धनबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण पर झारखंड हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर स्थायी समाधान निकालने का सुझाव दिया है।

धनबाद में हार्ड कोक भट्ठों से हो रहा प्रदूषण। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
हाई कोर्ट ने धनबाद प्रदूषण पर सुनवाई की।
केंद्र-राज्य सरकारें मिलकर स्थायी समाधान निकालें।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए एसओपी बनाने का सुझाव।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में धनबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण से संबंधित जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान धनबाद के एसएसपी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी, बीसीसीएल के सीएमडी और धनबाद नगर आयुक्त उपस्थित थे।
अदालत ने सुझाव दिया कि धनबाद में प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ बैठक कर ठोस रणनीति तैयार करे।
कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि धनबाद में प्रदूषण कम करने और उसकी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एक स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार किया जाए। इसमें प्रदूषण की रोकथाम के लिए उठाए जाने वाले कदमों और संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां स्पष्ट की जा सकती हैं।
कार्रवाई कागजों तक सीमित होने का आरोप
मामले में ग्रामीण एकता मंच की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि धनबाद में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसे रोकने के लिए धनबाद नगर निगम की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब तक उठाए गए कदम केवल कागजों तक सीमित हैं। जमीन पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
बीसीसीएल ने बताया, लगातार हो रहा पानी का छिड़काव
सुनवाई के दौरान बीसीसीएल की ओर से अदालत को बताया गया कि कोयले की ढुलाई के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वाहनों को ढककर चलाया जा रहा है। कोयला ढुलाई वाले क्षेत्रों में लगातार पानी का छिड़काव किया जाता है।
साफ-सफाई पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कंपनी की ओर से यह भी बताया गया कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपायों की समय-समय पर निगरानी की जाती है।
