गाजियाबाद के दूधेश्वरनाथ मंदिर में आज उमड़ेगा आस्था का सैलाब, लाखों शिवभक्त करेंगे जलाभिषेक
सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में श्रावण के द्वितीय सोमवार, त्रयोदशी-प्रदोष और श्रावण शिवरात्रि पर लाखों शिवभक्त जलाभिषेक करेंगे। ...और पढ़ें

सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में पहुंच रहे श्रद्धालु।
HighLights
दूधेश्वरनाथ मंदिर में श्रावण शिवरात्रि पर लाखों भक्त करेंगे जलाभिषेक।
10 और 11 अगस्त को मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रहेंगे।
कांवड़ियों के लिए भोजन, ठहरने और विशेष पूजा की व्यवस्था।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में रविवार को सुबह छह बजे से शाम तक भक्तों ने हाजिरी का जल चढ़ाया। जलाभिषेक को लेकर मंदिर में रात एक दो बजे से ही लाइन लगनी शुरू हो गई थी। बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िये मंदिर में पहुंचे। श्रवण मास के द्वितीय सोमवार, त्रयोदशी-प्रदोष और श्रावण शिवरात्रि को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
10 और 11 अगस्त को 24 घंटे खुले रहेंगे कपाट
10 अगस्त को द्वितीय सोमवार और त्रयोदशी-प्रदोष व्रत को लेकर बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में पूजा अर्चना के लिए पहुंचेंगे। जबकि 11 अगस्त को चतुर्दशी एवं श्रावण शिवरात्रि पर देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्त और कांवड़िये भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव का जलाभिषेक करेंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर के कपाट 10 अगस्त से 11 अगस्त तक 24 घंटे खुले रहेंगे।
मंदिर के मीडिया प्रभारी एसआर सुथार ने बताया कि त्रयोदशी एवं प्रदोष का जलाभिषेक सोमवार सुबह आठ बजे से शुरू होगा। द्वितीय सोमवार होने के कारण बड़ी संख्या में शिवभक्त मंदिर पहुंचेंगे। मंगलवार सुबह छह बजे से चतुर्दशी एवं श्रावण शिवरात्रि का जलाभिषेक शुरू होगा। पूरे दिन और रात विशेष पूजन एवं अभिषेक किया जाएगा।
आठों प्रहर होगी विशेष पूजा
श्रावण शिवरात्रि पर भगवान दूधेश्वर नाथ महादेव का आठों प्रहर विशेष पूजन और अभिषेक किया जाएगा। प्राचीन देवी मंदिर दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज द्वारा भगवान दूधेश्वर की विशेष धूप-दीप आरती की जाएगी। षष्ठम प्रहर का पूजन रात आठ से 10 बजे, सप्तम प्रहर का रात 11 से एक बजे और अष्टम प्रहर का पूजन रात दो से सुबह चार बजे तक होगा।
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इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष और वैदिक मंत्रों से गूंजता रहेगा। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
कांवड़ियों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था
कांवड़ मेले में कांवड़ियों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है। महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने रविवार को कई कांवड़ शिविरों का उद्घाटन किया। शिविरों में कांवड़ियों के लिए भजन, प्रसाद और विश्राम की व्यवस्था की गई है। मंदिर के स्वयंसेवक 24 घंटे श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सेवा में तैनात रहेंगे।