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गाजियाबाद में बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश, 2 महिलाओं समेत 7 गिरफ्तार; वॉट्सएप पर फोटो भेजकर तय होता था सौदा

Published: Wed, 12 Aug 2026 02:55 PM (IST)

गाजियाबाद में टीला मोड़ पुलिस ने नवजात शिशुओं की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

HighLights

  1. गाजियाबाद में शिशु तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ।

  2. दो महिलाओं सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

  3. अपहृत तीन माह के नवजात शिशु को सकुशल बचाया गया।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। टीला मोड़ पुलिस ने नवजात शिशुओं की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिला सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरोह द्वारा नौ अगस्त को अपहृत किए गए तीन माह के नवजात शिशु को पुलिस ने सकुशल बरामद कर उसके स्वजन को सौंप दिया।

पुलिस के मुताबिक, करन गेट निवासी फरहान ने 11 अगस्त को टीला मोड़ थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि नौ अगस्त को उनके तीन माह के पुत्र को नौशाद और उसकी पत्नी रुखसार ने अपहरण कर लिया था। पुलिस टीम ने मैनुअल इनपुट, सीसीटीवी फुटेज, सुरागरसी-पतारसी और सर्विलांस की मदद से बुधवार को गिरोह के सात सदस्यों को हिंडन नदी चौकी क्षेत्र के फर्रुखनगर से गिरफ्तार कर लिया।

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प्लान बनाकर नवजातों को बनाते थे निशाना

गिरफ्तार आरोपितों में ऐनुल, नौशाद, नागेंद्र उर्फ सुक्खा, नसीम, आबिद, सुमित्रा और रुखसार शामिल हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि गिरोह के सदस्य आपस में योजना बनाकर नवजात और दुधमुंहे बच्चों को निशाना बनाते थे।

वॉट्सएप पर फोटो भेज निसंतान दंपती से करते थे सौदा

गिरोह की महिलाएं ऐसे परिवारों में जाकर जानकारी जुटाती थीं, जहां नवजात या छोटे बच्चे होते थे। मौका मिलने पर बच्चे को अपने साथ ले जाते थे। इसके बाद बच्चे का फोटो खींचकर वॉट्सएप के माध्यम से गिरोह के अन्य सदस्यों को भेजा जाता था। गिरोह के सदस्य बच्चे को खरीदने के इच्छुक निसंतान दंपती से सौदा तय करते थे।

बच्चे की बिक्री से मिलने वाली रकम को सभी आरोपित आपस में बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार, फरहान के तीन माह के बच्चे को भी इसी उद्देश्य से नौ अगस्त को उसके घर से उठाया गया था। उसे शामली के कांधला ले जाकर बेचने की बात चल रही थी।

पुलिस ने बच्चे को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह पुलिस से बचने और अपनी पहचान छिपाने के लिए बच्चों की तस्करी के लिए बार-बार स्थान बदलता था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूर्व में बेचे गए बच्चों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

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