फिरोजाबाद आरव हत्याकांड: दोषी विराज ने फांसी की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में दी चुनौती
फिरोजाबाद के आरव हत्याकांड में जिला अदालत से फांसी की सजा पाए दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की है। दोषी ने अपने अधिवक ...और पढ़ें

आरव हत्याकांड।
HighLights
आरव हत्याकांड के दोषी ने हाईकोर्ट में अपील की।
जिला अदालत ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी।
मृत्युदंड को चुनौती देते हुए राहत की मांग की गई।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। आरव हत्याकांड में जिला अदालत से फांसी की सजा पाए दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने अब इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जिला कारागार में बंद विराज ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से मृत्युदंड को चुनौती देते हुए राहत की मांग की है। जेल प्रशासन को भी अपील दाखिल किए जाने की लिखित सूचना दी गई है।
30 मई 2026 को शिकोहाबाद की यादव कालोनी में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव अपनी मां रति के साथ था। पुलिस और अभियोजन के मुताबिक, रति से शादी करने की जिद पूरी नहीं होने से नाराज विराज ने मासूम को टाफी दिलाने के बहाने अपने साथ बाहर बुलाया।
फांसी की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा दोषी
घर से करीब 50 मीटर दूर सुनसान सड़क पर उसने महज 27 सेकंड में आरव को आठ बार जमीन पर पटका, जिससे उसकी मौत हो गई। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। ने अहम आधार बनाया। जिला जज की अदालत ने 10 जुलाई को उसे फांसी की सजा और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया था।