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जमीन से तीन फीट ऊपर उठा 40 साल पुराना घर, ‘120 पैरों का सहारा’ देख लोगों के मन में पैदा हुई कौतूहल

Published: Thu, 08 Oct 2026 05:20 PM (IST)

फतेहपुर के खेमकरनपुर गांव में 40 साल पुराने एक घर को 120 जैक की मदद से तीन फीट ऊपर उठाया जा रहा है। सड़क

खागा-किशुनपुर मार्ग के किनारे विजयीपुर ब्लाक के खेमकरनपुर गांव में जैक के सहारे ऊपर उठा पुराना घर। जागरण

खागा-किशुनपुर मार्ग के किनारे विजयीपुर ब्लाक के खेमकरनपुर गांव में जैक के सहारे ऊपर उठा पुराना घर। जागरण

HighLights

  1. फतेहपुर में 40 साल पुराना घर 120 जैक से तीन फीट ऊपर।

  2. सड़क से नीचे होने के कारण दीवारों को नुकसान से बचाने हेतु उठाया।

  3. बहराइच के ठेकेदार मिट्टू यादव ने 2.40 लाख रुपये में उठाया।

जागरण संवाददाता, फतेहपुर। खागा-किशुनपुर मार्ग के किनारे खेमकरनपुर गांव में चालीस वर्ष पुराने घर को 120 जैक के सहारे तीन फीट तक ऊपर उठाया जा रहा है। ढाई फीट करीब घर ऊपर उठाया जा चुका है।

शेष कार्य को बहराइच जनपद के रहने वाले ठेकेदार व साथी पांच श्रमिकों के सहारे एक सप्ताह में पूरा हो जाने की बात कही जा रही है। तकनीक के सहारे पुराने घर को जमीन से ऊपर उठते देखने के लिए तमाम लोग मौके पर पहुंच रहे हैं। लोगों के मन में एक कौतूहल है, जिसका जवाब पाने के लिए वह खेमकरनपुर गांव तक जाते हैं।

पुराने घर से बड़े भाई का जुड़ाव

विजयीपुर ब्लाक के सरौली गांव में रहने वाले ईट भट्ठा कारोबारी, नरसिंह के बड़े भाई विजय सिंह ने वर्षों पहले खेमकरनपुर गांव में एक घर बनवाया था। ईट भट्ठा कारोबारी ने बताया कि बड़े भाई की मृत्यु हो जाने के बाद स्वजन, अन्य दूसरे घरों में जाकर रहने लगे।

पुराने घर से बड़े भाई का जुड़ाव होने की वजह से वह उसकी लगातार मरम्मत कराते आ रहे हैं। खागा-किशुनपुर मार्ग की ऊंचाई अधिक होने से पुराना घर नीचे हो गया। वर्षा का पानी व बाहरी नमी की वजह से दीवारें खराब होने लगी हैं।

सोशल मीडिया पर मिले घर उठाने वाले

पुराने घर को बचाने के लिए उन्होंने एक दिन इंटरनेट मीडिया में घर उठाने वालों को देखा। उसी दिन तय किया कि पुराने घर को सड़क के स्तर से तीन फीट करीब ऊपर उठवाकर उसकी मरम्मत कराएंगे। बहराइच जनपद निवासी ठेकेदार मिट्टू यादव ने बताया कि मोबाइल काल के माध्यम से भवन स्वामी से संपर्क करके वह घर देखने आए।

तहसील में शर्तनामा की लिखापढ़ी के बाद काम शुरू किया गया। ठेकेदार ने बताया कि 23 सितंबर से वह नियमित घर को ऊपर उठा रहे हैं। जिस घर को ऊपर उठा रहे हैं, उसी के ऊपर बने कमरे में रसोई बनाकर भोजन तैयार करते हैं। नीचे सोने के लिए पुराने घर के कमरों का उपयोग करने में उन्हें बिल्कुल भी डर नहीं लगता है।

दो लाख से अधिक आएगा खर्च

जिस घर को ऊपर उठाया जा रहा है, उसका क्षेत्रफल 1600 वर्ग फीट है। 150 रुपये प्रति वर्ग फीट के हिसाब से घर को ऊपर उठाने में गृहस्वामी को 2.40 लाख रुपये खर्च आएगा।

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