PCS Success Story: सिर्फ एक कोशिश में पीसीएस क्लियर, जानिए इटावा के अंकित पांडेय ने कैसे पाई सफलता?
इटावा के जसवंतनगर निवासी अंकित पांडेय ने राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा में वाणिज्यक कर अधिकारी बनकर अपने सपने को साकार किया है। ...और पढ़ें
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HighLights
अंकित पांडेय ने पहली कोशिश में पीसीएस परीक्षा पास की।
जसवंतनगर, इटावा के निवासी, बने वाणिज्यक कर अधिकारी।
सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत से हासिल की सफलता।
जागरण संवाददाता, इटावा। इटावा के अंकित पांडेय ने कड़ी मेहनत और निरंतरता के दम पर PCS परीक्षा पास कर शानदार सफलता हासिल की। उन्होंने साबित कर दिया कि लगन और अनुशासन से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। अब वे वाणिज्यक कर अधिकारी बनकर जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
रविवार रात को घोषित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा में कस्बे के पूर्व प्रधानाचार्य राधेश्याम पांडेय के नाती अंकित पांडेय ने वाणिज्यक कर अधिकारी बनने का सपना साकार कर लिया। अंकित सिविल सर्विसेज की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और उसी को पास करने का उनका सपना है। जसवंतनगर के गुलाबबाड़ी मुहल्ले में रहने वाले गल्ला आढ़तिया बीरबल पांडेय व मां उमा देवी पांडेय अपने पुत्र की सफलता पर काफी खुश हैं।
अंकित पांडेय की प्रारंभिक शिक्षा जसवंतनगर के शांती देवी इंटर कालेज से हुई। इंटरमीडिएट के बाद उन्होंने आगरा कालेज आगरा से बीएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया।
ग्रामीण परिवेश से आने वाले अंकित ने सीमित संसाधनों के बावजूद कभी हार नहीं मानी। उनकी सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अंकित शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं और पढ़ाई के प्रति उनका समर्पण ही उनकी सफलता की कुंजी बना।
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परिवार की बात करें तो उनकी माता एक गृहिणी हैं, जिन्होंने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है, जबकि उनके पिता एक व्यापारी हैं। परिवार ने हर कदम पर अंकित का हौसला बढ़ाया। अंकित अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने चाचा प्रवीण पांडेय जो वर्तमान में बस्ती जनपद में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात हैं उनको देते हैं।
अंकित के सफलता के टिप्स
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में सफलता हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी पद पर चयनित हुए अंकित ने अपनी सफलता का श्रेय दिन में 5 से 6 घंटे तक पढ़ाई और अनुशासन, लक्ष्य के प्रति समर्पण और पढ़ाई के सही तरीके को दिया है। उन्होंने बताया कि शुरुआत से ही उन्होंने जीवन में आगे बढ़ने का स्पष्ट लक्ष्य तय कर लिया था और उसी दिशा में लगातार मेहनत करते रहे।
- अंकित ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आज के समय में मोबाइल का अत्यधिक उपयोग सफलता में बाधा बन सकता है। उन्होंने सलाह दी कि मोबाइल का इस्तेमाल केवल जरूरत और पढ़ाई से संबंधित कार्यों तक ही सीमित रखना चाहिए। उन्होंने खुद भी सोशल मीडिया व मोबाइल का बहुत कम उपयोग किया और अधिकतर समय किताबों के अध्ययन में लगाया।
- उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखना उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ, जिससे उनका ध्यान भटकने के बजाय पढ़ाई पर केंद्रित रहा। अंकित का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे देश-दुनिया की महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं और सामान्य ज्ञान मजबूत होता है।
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