चित्रकूट में शूट हुई 80% हनुमान अंश फिल्म, दिखा तपोभूमि का रंग
फिल्म 'हनुमान अंश' का 80% से अधिक हिस्सा चित्रकूट की धार्मिक और प्राकृतिक लोकेशंस पर फिल्माया गया है, जिससे तपोभूमि की आध्यात्मिकता बड़े पर्दे पर उभरकर आई है।

HighLights
फिल्म 'हनुमान अंश' की अधिकांश शूटिंग चित्रकूट में हुई।
नीम करौली बाबा से जुड़े रोचक अनुभव शूटिंग के दौरान मिले।
स्थानीय कलाकारों और ग्रामीणों को फिल्म में अभिनय का अवसर।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। देशभर के सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच पहुंच रही फिल्म ‘हनुमान अंश’ की कहानी में चित्रकूट की तपोभूमि का रंग भी नजर आ रहा है। फिल्म की शूटिंग पूरी तरह उत्तर प्रदेश में हुई है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा चित्रकूट की धार्मिक और प्राकृतिक लोकेशन पर फिल्माया गया।
फिल्म के करीब 80 प्रतिशत से अधिक दृश्य चित्रकूट में शूट किए गए हैं। इससे तपोभूमि की आध्यात्मिकता, प्राकृतिक वातावरण और स्थानीय परिवेश को बड़े पर्दे पर जगह मिली है।
फिल्म का पहला सीन मंदाकिनी तट स्थित पंजाबी बाबा आश्रम में फिल्माया गया था। शूटिंग के लिए जिस कमरे को चुना गया, बाद में निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी को जानकारी हुई कि कभी उसी कमरे में नीम करौली बाबा भी ठहरे थे। इस जानकारी के बाद टीम के लिए यह लोकेशन और भी खास हो गई।

फिल्म में चित्रकूट के शिवरामपुर निवासी रवि साहू ने सूबेदार की भूमिका निभाई है। उनका चयन किसी लंबी प्रक्रिया के बजाय सीधे लेखक-निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी से मुलाकात के बाद हुआ।
रवि के मुताबिक उनका सीन शिवरामपुर के जूनियर हाईस्कूल की पुरानी इमारत में फिल्माया गया। यहां फिल्म के लिए फतेहगढ़ थाना और उसकी जेल का सेट तैयार किया गया था। जिसमें नीम करोली बाबा को बंद किया गया था। वह ताला बंद होने के बाद गायब हो जाते है यह देख उनकी पतलून गीली हो गई थी।
रोज होती थी गणेश पूजा और हनुमान चालीसा
रवि साहू ने बताया कि शूटिंग के दौरान रोजाना सेट पर गणेश पूजन और हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता था। चित्रकूट में लंबे समय तक शूटिंग के दौरान टीम को कई रोचक और अद्भुत अनुभव भी हुए। इनमें बजरंगबली की मूर्ति स्थापना के समय काले बंदर का आना भी शामिल है।
उनके मुताबिक जब सेट पर हनुमानजी की मूर्ति स्थापित की जा रही थी और झोपड़ी बनाई जा रही थी, तभी करीब 14-15 साल बाद पहली बार वहां एक काला बंदर दिखाई दिया। वह बरगद के पेड़ पर बैठकर काफी देर तक निर्माण देखता रहा। बाद में नीचे बनी गुफा के पास गया और कुछ देर बाद वहां से चला गया। रवि ने इसे शूटिंग के दौरान का यादगार अनुभव बताया।
आरोग्यधाम से परसौंजा तक फिल्मांकन
शिवरामपुर के अलावा आरोग्यधाम, पंजाबी बाबा आश्रम और परसौंजा गांव में भी शूटिंग हुई। परसौंजा में निर्देशक विशाल चतुर्वेदी खुद गांव में घूमकर लोगों से फिल्म में भाग लेने की अपील करते थे। वह माइक से ग्रामीणों को राम-राम करते हुए धोती-कुर्ता, कुर्ता-पायजामा और सदरी पहनकर शूटिंग में आने के लिए आमंत्रित करते थे।
महिलाओं से भी साड़ी पहनकर शामिल होने की अपील की गई। फिल्म में चित्रकूट के अभिषेक मिश्रा ने भी अभिनय किया है। इस तरह फिल्म की शूटिंग ने स्थानीय कलाकारों और ग्रामीणों को भी बड़े पर्दे की प्रक्रिया से जोड़ने का अवसर दिया। तपोभूमि की धार्मिक आभा, प्राकृतिक परिवेश और स्थानीय लोगों की भागीदारी ने ‘हनुमान अंश’ को चित्रकूट से खास तौर पर जोड़ दिया है।
