चित्रकूट में एक साथ उठीं तीन अर्थियां, पांच घरों को कराया खाली; पिता और दो मासूम बच्चों का हुआ अंतिम संस्कार
चित्रकूट के बराछ गांव में पहाड़ के नीचे कच्चा मकान ढहने से कल्लू यादव और उनके दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जिनका गुरुवार को अंतिम संस्कार किया गया।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
पिता कल्लू यादव व दो मासूम बच्चों का अंतिम संस्कार।
बराछ गांव में कच्चा मकान ढहने से हुई मौत।
सुरक्षा कारणों से पांच घरों को खाली कराया गया।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। बराछ गांव में पहाड़ के नीचे कच्चे मकान के ढहने से जान गंवाने वाले कल्लू यादव और उसके दो मासूम बच्चों अंश और गुड़िया का अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब दो बजे तीनों के शव स्वजन को सौंपे गए।
एंबुलेंस से शव गांव पहुंचने के बाद श्मशान घाट में कल्लू को उसके छोटे भाई शीलू ने मुखाग्नि दी गई, जबकि उसके बेटे अंश और बेटी गुड़िया को पास में दफना दिया गया। एक साथ पिता और दो मासूमों की अंतिम विदाई देखकर गांव में हर आंख नम हो गई।
आसपास के घरों की सुरक्षा जांची
हादसे में घायल कुंता देवी और बेटी अंशिका को एसडीआरएफ ने सुबह करीब आठ बजे बरूआ नदी के पानी में डूबे रपटा को पार कराकर गांव से बाहर निकाला। इसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर आसपास के घरों की सुरक्षा जांची गई। खतरे को देखते हुए प्रेमचंद्र, छल्ला, जगनायक, शिवमंगल और कल्लू के घर खाली करा दिए गए।
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प्रशासन ने इन परिवारों के लिए पंचायत भवन में रहने की व्यवस्था की थी, लेकिन ग्रामीण वहां न जाकर परिचितों के यहां ठहरे हैं। हादसे के बाद गांव में पहाड़ के नीचे बने मकानों में रहने वाले परिवारों में भी दहशत बनी हुई है।
