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    Chitrakoot के मंदिरों में चोरी का अजब मामला! पुलिस भी हैरान, पाप के डर से मुस्लिम सदस्य से करवाता था चोरी, सरगना बना 'भूत'

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 07:39 PM (IST)

    चित्रकूट पुलिस ने मंदिरों में चोरी करने वाले एक अनोखे गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह का सरगना विजय कुमार शुक्ला पाप लगने के डर से खुद चोरी नहीं करता ...और पढ़ें

    ये फोटो एआई जनरेटेड है।

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    HighLights

    1. चोरी किए गए सामान का एक हिस्सा दूसरे मंदिरों में चढ़ाते थे, चार गिरफ्तार 

    2. चोरी से पहले गिरोह कुत्तों को जहरीली मिठाई खिलाता था।

    3. चोरी किए गए सामान का एक हिस्सा दूसरे मंदिरों में चढ़ाते थे, चार गिरफ्तार 

    जागरण संवाददाता, चित्रकूट। चित्रकूट के मंदिरों में हो रहीं चोरी ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी। पुलिस ने चोरियों का राजफाश किया और चार लोगों को पकड़ा। आरोपितों से पूछताछ में सरगना की चोरी की प्लानिंग पर पुलिस भी दंग रह गई।

    चोरों का सरगना पाप लगने के डर से खुद मंदिर में चोरी नहीं करता था, बल्कि यह काम गिरोह में शामिल मुस्लिम सदस्य से करवाता था। चोरी किए गए सामान का कुछ हिस्सा वह दूसरे मंदिरों में चढ़ावे के रूप में चढ़ाता था।

    Chitrakoot Temple Theft Gang Busted

    चोरों से बरामद मंदिर में चोरी करने वाले आभूषण व अन्य सामग्री । जागरण 

    कुत्तों को मार देते थे

    चोरी से पहले गिरोह मंदिरों के आसपास रहने वाले कुत्तों को जहरीली मिठाई खिला देता था, ताकि वे बाधा न बनें। सरगना ने पुलिस से बचने के लिए खुद को कागजों में मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने उसके समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास सात किलो 318 ग्राम चांदी, हनुमान जी की गदा और 65 हजार 700 रुपये नकदी मिली है। सभी पर गैंग्सटर लगाने की तैयारी है।

    चार माह में हुई इन मंदिरों में चोरी

    पिछले चार माह में भरतकूप के रामजानकी मंदिर, परसौंजा के अकेलवा मंदिर और लोढ़वारा के बाल हनुमान आश्रम सहित कई मंदिरों में चोरियां हुईं। एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि चोरों का सरगना विजय कुमार शुक्ला चित्रकूट का ही रहने वाला है। हत्या के एक मामले में 2004 में जेल जाने के बाद वह जमानत पर छूटा तो आगरा चला गया और वहीं रहने लगा।

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    कागजों में खुद को दिखाया मृत

    उसने कागजों में खुद को मृत घोषित कर दिया। उसके घरवालों को भी नहीं पता था कि वह जीवित है। वह चित्रकूट और सतना में सक्रिय था। उसके साथ पकड़े गए बिजनौर के बाबर शाह, कौशांबी के मोहनलाल पटेल और फतेहपुर के कामता प्रसाद मौर्य भी आगरा में रहते थे।

    14 गंभीर मुकदमे सरगना पर

    एसपी के अनुसार विजय पर हत्या, लूट, डकैती और चोरी समेत 14 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। बाबरशाह पर बिजनौर, बांदा, चित्रकूट, सतना, कौशांबी व फतेहपुर में सात मामले, मोहनलाल पटेल पर नौ मामले और कामता प्रसाद मौर्य पर छह मामले दर्ज हैं। सभी पहले जेल भी जा चुके हैं।

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