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    भदोही में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तैयार करेंगी तीन लाख तिरंगा, मिला रोजगार

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 02:00 AM (IST)

    स्वतंत्रता दिवस के लिए भदोही में राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तीन लाख तिरंगा झंडे तैयार कर रही हैं। यह पहल उन्हें घर ब ...और पढ़ें

    स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तैयार करेंगी तीन लाख तिरंगा।

    स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तैयार करेंगी तीन लाख तिरंगा।

    HighLights

    1. भदोही की महिलाएं तीन लाख तिरंगा झंडे तैयार करेंगी।

    2. स्वयं सहायता समूहों को घर बैठे रोजगार मिल रहा है।

    3. हर घर तिरंगा अभियान में महिलाएं सक्रिय योगदान दे रही हैं।

    जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही)। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा घर-घर पहुंचेंगे। 21 समूह की महिलाएं तीन लाख तिरंगा झंडा तैयार करेंगी। डेढ़ लाख तिरंगा की पहली खेप 10 अगस्त तक जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।

    इससे महिलाओं में देशभक्ति की भावना जागृत होगी वहीं उन्हें घर बैठे रोजगार भी मिल गया है। तीन तरह के झंडे तैयार करने पर उन्हें 20 से 50 रुपये प्रति झंडा मेहनताना मिलेगा।

    मुख्य सचिव का पत्र आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं। स्वतंत्र दिवस को उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी की जा रही है। वहीं शासन ने तिरंगा की तीन साइज भी निर्धारित की हैं।

    स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इन्हें बनाने के लिए मेहनताना भी निर्धारित कर दिया। इसमें काटन या पालिस्टर के कपड़े का प्रयोग होगा। जिले के छह ब्लाकों में समूहों को 50-50 हजार झंडे तैयार करने हैं।

    भदोही ब्लॉक के धनवतिया, ममहर, चेतनीपुर, सरबतखानी व बरवां की दस स्वयं सहायता समूह झंडा तैयार कर रही हैं। ग्राम प्रधान व स्वयं सहायता समूह का संचालन कर रही नीलम देवी ने बताया कि 21 समूहों को झंडा बनाने का काम मिला है। एनआरएलएम के तहत जिले में 8250 समूह गठित हैं। इन समूहों से 80 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं।

    प्रभारी उपायुक्त रोजगार आदित्य कुमार ने कहा कि समूहों को तिरंगा निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी विभागों को समूहों से तैयार झंडा लेने का निर्देश है। सभी अधिकारियों को समूहों के संपर्क नंबर दिए गए हैं। ताकि तय लक्ष्य के हिसाब से वह झंडे खरीद सकें।

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