Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    आजमगढ़ के मनोज यादव को मिला फिल्म फेयर अवार्ड, मराठी गीत लेखन में बढ़ाया मान

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 11:26 PM (IST)

    आजमगढ़ निवासी गीतकार मनोज यादव को मुंबई में आयोजित समारोह में मराठी फिल्म 'आता थंबायचा नाय' के लिए बेस्ट लिरिक्स का फिल्मफेयर अवार्ड मिला। ...और पढ़ें

    मनोज यादव को मिला फिल्म फेयर अवार्ड।

    मनोज यादव को मिला फिल्म फेयर अवार्ड।

    HighLights

    1. मनोज यादव को मराठी फिल्म के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिला।

    2. उन्होंने 'दे घुमा' सहित कई बॉलीवुड गीतों की रचना की।

    3. यह अवार्ड मुंबई में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।

    जागरण संवाददाता, सगड़ी (आजमगढ़)। 2011 विश्व क्रिकेट का अधिकृत गीत ‘दे घुमा’ के लिखकर अपनी लेखनी का लोहा मनवाने वाले बॉलीवुड के युवा गीतकार तहसील सगड़ी के भरौली निवासी मनोज यादव को छह अगस्त को मुंबई के सहारा स्टार होटल में आयोजित में समारोह मराठी भाषा के बेस्ट लिरिक्स का फिल्म फेयर अवार्ड प्रदान किया गया।

    उन्हें बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट म्यूजिक एल्बम, बेस्ट मेल प्ले बैक सिंगर का अवार्ड भी दिया गया। मनोज यादव ने फिल्म फेयर अवार्ड हासिल कर पूरे जनपद का मान बढ़ाया है।

    2005 में मुंबई जाकर बालीवुट में भाग्य आजमाने वाले मनोज यादव सन आफ सरदार, पीकू, गब्बर, निल बटा सन्नाटा व अंगुली जैसी कई फिल्मों में गीत लिख चुके हैं। ‘ठाकरे'' फिल्म की पटकथा, गीत व संवाद लिख चुके मनोज यादव को मराठी फिल्म आता थंबायचा नाय के बेस्ट लिरिक्स के लिए सम्मानित किया गया है। यह फिल्म मराठी भाषा में 2025 में रिलीज हुई।

    फिल्म के निदेशक शिवराज वायचल के निर्देशन में सच्ची घटना सफाई कर्मचारी, नाले साफ करने वाले,झाड़ू लगाने वालों की पीड़ा पर आधारित है। जिस गाने पर उन्हें अवार्ड मिला है,उसका मुख्य आशय हाथ में हाथ लेकर नसीब खुद बनाओ, अंधेरे को पीलो,उठो, उडो और लड़ो।

    मनोज यादव ने अपने पुरस्कार को लेकर बताया कि यह गाना बहुत ही मोटिवेशनल (भावनात्मक) है। फिल्म की थीम में समाज के अत्यंत निचले तबके के लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए उत्प्रेरित करने का प्रयास किया गया है। यह मेरा पहला फिल्म फेयर अवार्ड है। खुशी के इस पल में मुझे अपने माता-पिता की बहुत याद आ रही है। मैं मानता हूं कि कहीं दूर से उनके माता-पिता जरूर मुस्कुरा रहे होंगे।

    खबरें और भी

    अपनी सफलता पर उन्होंने कहा कि गाना अकेले नहीं बनता निर्देशक, संगीतकार, गायक, निर्माता और पूरी टीम का इसमें योगदान होता है। मुझे इसके पहले जी चित्रा गौरव अवार्ड में बेस्ट लिरिक का पुरस्कार मिल चुका है।

    यह भी पढ़ें- बलिया के स्कूल परिसर में उगेंगी सब्जियां, ग्राम पंचायतों को सौंपी गई जिम्मेदारी