बिना कोचिंग और बिना फीस के कनिष्क बने बरेली के टॉपर; जानें फ्री YouTube कोर्स का मैजिक
बरेली के कनिष्क सूर्यवंशी ने 98.8% अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया। अपनी सफलता का श्रेय निःशुल्क यूट्यूब क्रैश कोर्स को दिया। अन्य छात् ...और पढ़ें

कनिष्क सूर्यवंशी अपने माता-पिता के साथ
जागरण संवाददाता, बरेली। शहर के पीलीभीत रोड स्थित बीबीएल पब्लिक स्कूल के छात्र कनिष्क सूर्यवंशी ने 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया। कनिष्क ने बताया कि वह नार्थ सिटी एक्सटेंशन, कुर्मांचल नगर के पास रहते हैं और रोजाना दो से तीन घंटे नियमित पढ़ाई करते थे।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अनुशासन और सही संसाधनों को दिया। कनिष्क ने यूट्यूब पर उपलब्ध आनलाइन क्रैश कोर्स का सहारा लिया, वह भी बिना किसी शुल्क के। उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल निश्शुल्क शैक्षणिक प्लेटफार्म का उपयोग कर अपनी तैयारी को मजबूत किया।
कंप्यूटर विषय में उन्हें 100 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए, जो उनकी विशेष रुचि को दर्शाता है। उनका सपना आगे चलकर साफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है। कनिष्क का मानना है कि सही दिशा में की गई मेहनत और डिजिटल माध्यमों का उपयोग सफलता दिला सकता है।
रट्टा नहीं 'Concept' है नैनिका का पावर
बरेली: जिले की छात्रा नैनिका प्रजापति ने 98.8 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। बीबीएल पब्लिक स्कूल, पीलीभीत रोड की छात्रा नैनिका ने बताया कि उनका लक्ष्य केवल 100 प्रतिशत अंक लाना नहीं था, बल्कि विषयों की गहराई से समझ विकसित करना था।
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उनका मानना है कि विद्यार्थियों के लिए कांसेप्ट क्लियर होना सबसे अधिक जरूरी है। नैनिका के पिता स्वयं उन्हें सिविक्स पढ़ाते रहे, जिससे उनकी तैयारी मजबूत हुई।
उन्होंने बताया कि वह रोजाना तीन से चार घंटे स्वाध्याय करती थीं और किसी कोचिंग की आवश्यकता नहीं पड़ी। उनका विश्वास है कि नियमित अभ्यास और आत्म-अनुशासन ही सफलता की कुंजी है। नैनिका भविष्य में विज्ञान के क्षेत्र में शोध करना चाहती हैं और समाज के लिए कुछ नया योगदान देने का सपना रखती हैं।
इंटरनेट से दूरी और सैंपल पेपर्स से है सात्विका की यारी
एसआर इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा सात्विका कुकरेती ने 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सात्विका ने बताया कि उनकी सफलता का मुख्य आधार नियमित अभ्यास और सैंपल पेपर रहे। विद्यालय की ओर से दिए गए प्रश्नपत्रों को उन्होंने गंभीरता से हल किया, जिससे परीक्षा का आत्मविश्वास बढ़ा।
वह रोजाना तीन से चार घंटे पढ़ाई करती थीं और इंटरनेट का सीमित उपयोग करती थीं। उनकी मां रूमा गोयल विद्यालय का संचालन करती हैं, जिनसे उन्हें लगातार मार्गदर्शन और प्रेरणा मिलती रही। उनके पिता सेना में कार्यरत हैं, जिससे उनमें अनुशासन और देशसेवा की भावना विकसित हुई। सात्विका ने बताया कि संतुलित पढ़ाई और समय का सही उपयोग ही सफलता दिलाता है। वह भविष्य में देश सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं।
शिक्षिका मां ने बेटे अतिक्ष को बनाया बरेली का स्टार
बरेली: एसआर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र अतिक्ष सिंह ने जिले में शानदार प्रदर्शन करते हुए उच्च अंक प्राप्त किए। अतिक्ष ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे उनकी मां का विशेष योगदान रहा, जो गवर्नमेंट हाई स्कूल बिथरी चैनपुर में शिक्षिका हैं। मां ने उन्हें बचपन से ही गणित और विज्ञान विषयों में मजबूत आधार दिया।

नियमित अभ्यास और स्कूल की ओर से दिए गए कार्य को समय पर पूरा करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। अतिक्ष ने गणित में 96 प्रतिशत और विज्ञान में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जो उनकी मेहनत को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना पढ़ाई करना और विषयों को समझकर आगे बढ़ना बहुत जरूरी होता है।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और स्कूल के शिक्षकों को दिया। अतिक्ष का मानना है कि निरंतर अभ्यास और सही मार्गदर्शन से कोई भी विद्यार्थी अच्छे अंक हासिल कर सकता है और अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।
शिक्षकों के निर्देशों का पालन कर पाई सफलता
बरेली: एसआर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र आरव मिश्र ने 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में उत्कृष्ट स्थान हासिल किया। आरव ने बताया कि उन्होंने हमेशा अपने शिक्षकों के निर्देशों का पालन किया और नियमित रूप से पढ़ाई की। उनका मानना है कि कक्षा में जो पढ़ाया जाता है, उसका घर पर अभ्यास करना बेहद जरूरी होता है।

उन्होंने पढ़ाई में कंपटेंसी यानी विषय की समझ को सबसे अधिक महत्व दिया। आरव ने बताया कि उन्होंने किसी अतिरिक्त दबाव के बजाय नियमित अध्ययन और संतुलित दिनचर्या अपनाई। इससे उन्हें परीक्षा के समय अधिक मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ी।
उनका कहना है कि निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने शिक्षकों और परिवार को दिया। आरव आगे चलकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना चाहते हैं।
पापा ने पढ़ाई के लिए किया प्रेरित
बरेली: एसआर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र त्रिजल सक्सेना ने 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय के टापर्स में स्थान बनाया। त्रिजल ने बताया कि उन्हें परीक्षा में लगभग 95 प्रतिशत अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन परिणाम इससे बेहतर रहा। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता अमित कुमार को दिया, जो एक जूनियर स्कूल में शिक्षक हैं।

पिता ने उन्हें हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और सही दिशा दिखाई। त्रिजल ने बताया कि उन्होंने नियमित रूप से थोड़ी-थोड़ी पढ़ाई की, जिससे परीक्षा के समय दबाव महसूस नहीं हुआ। उनका मानना है कि लगातार अभ्यास और ध्यानपूर्वक अध्ययन करने से अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक मेहनत के बजाय स्मार्ट तरीके से पढ़ाई करना ज्यादा लाभदायक होता है।