बरेली: फर्जी IAS विप्रा शर्मा और उसके गिरोह पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट, 44 मुकदमों के बाद बड़ी कार्रवाई
सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाली फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा और उसके गिरोह पर पुलिस गैंगस्टर एक्ट ...और पढ़ें

फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा
HighLights
प्राथमिकी लिखने के बाद 29 अप्रैल को बारादरी पुलिस ने तीनों बहनों को भेजा था जेल
अभी तक किसी को नहीं मिली जमानत, विप्रा व उसके साथियों पर हो चुके 44 मुकदमे
जागरण संवाददाता, बरेली। सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाली विप्रा शर्मा व उसके साथियों पर पुलिस गैंग्सटर की कार्रवाई करेगी। उसके गिरोह का गैंग चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विप्रा के विरुद्ध बारादरी और सुभाष नगर थाने में अब तक करीब 44 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
पहला मुकदमा विप्रा व उसकी दोनों बहनों शिखा शर्मा और दीक्षा पाठक के विरुद्ध 28 अप्रैल में बारादरी थाने में लिखा गया था। इसके बाद 29 अप्रैल को पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में ही बंद हैं।
पहला मुकदमा विप्रा के विरुद्ध बारादरी थाना क्षेत्र निवासी प्रीति लायल ने लिखाया था। उन्होंने बताया था कि चार साल पहले विप्रा से उनकी मुलाकात हुई थी। उस वक्त विप्रा ने खुद का परिचार आईएएस बताकर कराया था। बाद में उसने नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
उसके हाव-भाव देखकर प्रीति लायल झांसे में आईं और अपने साथ अपने साथियों के भी रुपये दिलवा दिए। जब नौकरी नहीं लगी और न ही उनके रुपये वापस हुए तो उन्होंने 28 अप्रैल को विप्रा शर्मा और उसकी दोनों बहनों शिखा व दीक्षा के विरुद्ध प्राथमिकी लिखाई।
पुलिस ने तीनों को 29 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपितों के पास से पुलिस ने एक लग्जरी कार और फोन आदि बरामद किए थे। जैसे ही विप्रा के फर्जी आइएएस होने की खबर फैली तो तमाम शिकायतकर्ता आने लगे। स्थिति यह हो गई कि पांच माह के भीतर विप्रा और उसकी बहनों व पिता के विरुद्ध 44 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
इन मुकदमों की वजह से अभी तक न तो विप्रा और न ही उसकी बहनों को जमानत मिली है। उधर, पुलिस मुकदमों की संख्या को देखते हुए अब विप्रा व उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के विरुद्ध गैंग्सटर की कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
बरेली के अलावा मंडल के लोगों को भी ठगा
स्थिति यह थी कि विप्रा ने सिर्फ बरेली के लोगों को ही नहीं ठगा बल्कि, नौकरी लगवाने के नाम पर मंडल के लोगों को भी ठगी का शिकार बना लिया। विप्रा के फर्जी आईएएस होने की पोल खुलने के बाद शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं आदि जिलों के लोगों ने भी मुकदमा लिखवाया है।
फर्जी आईएएस के विरुद्ध जैसे ही शिकायतें मिल रही हैं उसके आधार पर तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी लिखाई जा रही है। जल्द ही विप्रा व उसके साथियों के विरुद्ध गैंग्सटर की कार्रवाई की जाएगी।
- शिवम आशुतोष, एएसपी।
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