यूपी पुलिस का 'स्मार्ट' जुगाड़! अब लाठियों में भी लगे CCTV कैमरे, मुहर्रम पर बरेली पुलिस का अनोखा प्रयोग
बरेली पुलिस ने मुहर्रम के दौरान भीड़ पर प्रभावी निगरानी के लिए एक नया प्रयोग किया। पुलिसकर्मियों को सीसीटीवी कैमरे लगी लाठियां दी गईं, जिससे जुलूस में ...और पढ़ें

लाठियों पर सीसीटीवी लिए खड़े पुलिसकर्मी
HighLights
भीड़ में चलने वाले पुलिसकर्मियों को पकड़ाई गई एक-एक लाठी, सोलर एनर्जी से चल रहे थे कैमरे
जागरण संवाददाता, बरेली। मुहर्रम पर किसी भी तरह कोई बवाल न हो इसके लिए बरेली पुलिस ने पहले से ही पूरी तैयारियां कर ली थीं। सभी जगहों पर फोर्स लगाई गई। इसके अलावा एक नया प्रयोग भी पुलिस ने किया। सभी थानों को वाई-फाई वाले पांच-पांच सीसीटीवी कैमरे दिए गए।
इन कैमरों को करीब 10-12 फीट ऊंची लाठियों पर बांधा गया और उन लाठियों को पकड़ाकर पुलिसकर्मियों को जुलूस के साथ चला दिया गया। इससे यदि कोई भी व्यक्ति जुलूस के बीच में भी खुराफात करने का प्रयास करे तो वह भी कैमरे में कैद हो जाए।

इसके अलावा जुलूस के पीछे चलने वाली पुलिस की गाड़ी पर लाठी बांधकर एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया ताकि जुलूस को पीछे से भी पूरी तरह से कवर किया जा सके। अभी तक इस तरह का प्रयोग प्रदेश के किसी भी जिले में नहीं हुआ। पुलिस के मुताबिक, सभी थानों को वाई-फाई वाले पांच-पांच कैमरे दिए गए।

इन कैमरो को चलाने के लिए इन पर सोलर प्लेट लगी हुई है। साथ ही पूरी वीडियो की रिकार्डिंग के लिए इनमें मेमोरी कार्ड भी लगाया हुआ है। जिसमें कई घंटे की वीडियो रिकार्डिंग रह सकती है। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि इनमें से एक या दो कैमरों को पुलिस की गाड़ियों पर डंडे में बांधकर लगाया जाए।
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बाकी के कैमरों को ऊंची-ऊंची लाठियों पर बांधकर पुलिसकर्मियों को दिया जाए ताकि वह जुलूस के बीच में चलकर पूरी भीड़ की निगरानी कर सकें। पुलिस का यह प्रयोग सफल रहा छिटपुट के अलावा कहीं भी कोई बड़ा बवाल नहीं हुआ।
ये भी थी सुरक्षा व्यवस्था
जिले में 530 दारोगा, 760 हेड कांस्टेबल, 1500 कांस्टेबल और 200 होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा सभी एडिशन एसपी भी अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहे। तीन कंपनी पीएसी और 18 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) भी लगाई गई थी।
इतना ही नहीं ड्रोन से निगरानी के लिए छह टीमों को लगाया गया, जिन्होंने पूरे शहर में अलग-अलग स्थानों पर ड्रोन उड़ाकर निगरानी की। वहीं, जिले में 94 पीआरवी को भी एक्टिव कर दिया गया था जो समय-समय पर शहर में गश्त करती रहीं।
सभी थानों को वाई-फाई वाले पांच-पांच सीसीटीवी कैमरे दिए गए थे, जिसमें से एक-दो को पुलिस की गाड़ियों पर और बाकी कैमरों को ऊंचे-ऊंचे डंडों पर लगाकर पुलिसकर्मियों को दिए गए ताकि पूरा जुलूस सीसीटीवी में कैद हो सके।
- अनुराग आर्य, एसएसपी।
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