बांदा में मां की आंखों के सामने ओझल हुआ मासूम, 26 घंटे बाद चंद्रावल नदी में मिला शव
बांदा में 5 वर्षीय प्रियांशु पाल का शव चंद्रावल नदी में डूबने के 26 घंटे बाद गुरुवार सुबह मछली पकड़ने ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
प्रियांशु पाल का शव 26 घंटे बाद चंद्रावल नदी में जाल में फंसा मिला।
मां की आंखों के सामने रपटे से फिसलकर नदी में समाया मासूम।
एनडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों ने मिलकर मासूम की तलाश की।
संवाद सहयोगी जागरण पैलानी, बांदा। मां की आंखों के सामने रपटे से फिसलकरचंद्रावल नदी में समाए पांच वर्षीय प्रियांशु पाल की तलाश 26 घंटे बाद उस समय खत्म हुई,जब गुरुवार सुबह साढ़े 10 बजे उसका शव घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर मछली पकड़ने के लिए डाले गए जाल में फंसा मिला।मासूम का शव देखते ही स्वजन का धैर्य टूट गया। मां शशि पाल और दादी समेत अन्य स्वजन बेहाल हो गए। गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ टीम केंद्रीय आपदा मोचन बल मासूम की खोजबीन में लगी रही है।
पड़ोहरा गांव निवासी संतोष पाल का पांच वर्षीय पुत्र प्रियांशु पाल बुधवार सुबह करीब आठ बजे अपनी मां शशि पाल के साथ बुखार की दवा कराने नांदादेव गांव जा रहा था।पड़ोहरा रपटा पार करते समय अचानक वह चंद्रावल नदी में गिरकर मां की आंखों के सामने डूब गया था।बेटे को नदी में गिरता देख मां ने शोर मचाया था। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नदी में उतरकर मासूम की तलाश शुरू की गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। तहसील प्रशासन के साथ जसपुरा और पैलानी थाने की पुलिस गोताखोरों से खोजबीन करती रही थी। लेकिन देर रात तक उसका कुछ पता नहीं चला था।
एनडीआरएफ टीम ने गुरुवार सुबह से स्थानीय गोताखोरों के साथ नदी में तलाश शुरू की।। जिसमें पैलानी थाना क्षेत्र में पीर बाबा मंदिर के पास मछली पकड़ रहे लोगों को अपने जाल में मासूम का शव फंसा दिखाई दिया।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा ले गई। जहां चिकित्सकों ने उसके दम तोड़ने की पुष्टि की।
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इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
प्रियांशु अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।उसकी दो बहनें हैं।पिता संतोष पाल अहमदाबाद में नौकरी करते हैं।घटना की सूचना मिलने के बाद वह अहमदाबाद से घर के लिए रवाना हुए।बेटे का शव मिलने की खबर ने परिवार को झकझोर दिया।मां शशि पाल,दादी दुर्गी,बाबा सुखदेव पाल सहित अन्य स्वजन बिलखते रहे।मासूम की मौत से पड़ोहरा गांव में भी मातम का माहौल है।
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जसपुरा थाना प्रभारी ऋषि देव ने पीड़ित परिवार को ढांढस बांधते हुए आगे की कार्रवाई की है।
