बिजली विभाग में हड़कंप: लापरवाह कर्मियों पर चलेगा पावर कॉरपोरेशन का 'हंटर', होगी बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने आंधी-तूफान के बाद बिजली बहाली में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। अध्यक्ष डॉ. आशीष कु ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के आदेश के हरकत में आया विभाग
जागरण संवाददाता, बदायूं। आंधी-तूफान के बाद जनता को अंधेरे में छोड़ने वाले लापरवाह बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों की अब खैर नहीं है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए ऐसे कामचोरों पर गाज गिराने की तैयारी कर ली है।
अध्यक्ष ने अधीक्षण अभियंता को सख्त निर्देश जारी कर उन इलाकों के ज़िम्मेदारों को चिह्नित करने को कहा है, जहां पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद जानबूझकर बिजली बहाली में ढिलाई बरती गई और जनता को परेशान होना पड़ा।
हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान ने बिजली नेटवर्क को तहस-नहस कर दिया था। कई इलाकों में खंभे उखड़ गए और ट्रांसफार्मर फुंक गए। इस आपदा के दौरान जहां अधिकांश टीमों ने दिन-रात एक करके बिजली व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाया, वहीं कुछ क्षेत्रों में स्थानीय अभियंताओं और लाइनमैनों की भारी घोर लापरवाही सामने आई।
कई इलाकों में जनता को चार से पांच दिनों तक बिना बिजली के जूझना पड़ा। हद तो तब हो गई जब मरम्मत के लिए सभी जरूरी उपकरण और संसाधन मौजूद थे, लेकिन स्थानीय स्टाफ की सुस्ती से काम लटका रहा। इस बदइंतजामी से गुस्साए उपभोक्ताओं का धैर्य टूट गया, जिसके बाद जगह-जगह धरना-प्रदर्शन हुए और मामला शासन तक पहुंच गया।
उपभोक्ताओं के भारी आक्रोश का संज्ञान लेते हुए पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि जनता की परेशानी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधीक्षण अभियंता को दो टूक आदेश दिया है कि संकट के समय पीठ दिखाने वाले और टालमटोल करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तुरंत तैयार की जाए। आपदा को ढाल बनाकर काम से बचने वाले लापरवाहों पर जल्द ही बड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी, जबकि संकट में बेहतर काम करने वाले कर्मियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
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जनता का फूटा गुस्सा, शासन तक गूंजी आवाज
कई इलाकों में कई दिनों तक बिजली गुल रहने से नाराज उपभोक्ताओं ने विद्युत उपकेंद्रों पर जमकर हंगामा और धरना-प्रदर्शन किया। पानी और बिजली के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे लोगों ने स्थानीय अधिकारियों पर फोन न उठाने और गुमराह करने का आरोप लगाया। यह मामला जब लखनऊ मुख्यालय तक पहुंचा, तब जाकर शीर्ष प्रबंधन ने मामले पर कड़ा संज्ञान लिया।
संसाधन थे भरपूर, फिर भी काम में हुई नूराकुश्ती
पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने स्पष्ट किया है कि बिजली बहाली के लिए टीमों के पास संसाधनों, तारों या ट्रांसफार्मरों की कोई कमी नहीं थी। इसके बावजूद कुछ फीडरों पर जानबूझकर मरम्मत कार्य में देरी की गई। इसी वजह से तकनीकी खराबी के बजाय मानवीय लापरवाही को इस कड़े एक्शन का आधार बनाया गया है।
लापरवाह कर्मचारियों को चिन्हित किया जा रहा है। जल्द लापरवाह कर्मचारियों की सूची बनाकर निगम को भेजी जाएगी। जिन कर्मचारियों ने काम में लापरवाही बरती है उनको बख्सा नही जाएगा।
- अजय कुमार, अधीक्षण अभियंता
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