बदायूं जिला अस्पताल में बेखौफ बदमाश, इमरजेंसी ड्यूटी पर लगे डॉक्टर से दिनदहाड़े चाकू की नोक पर लूटे 25 हजार
बदायूं जिला अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर विकास शर्मा से मोर्चरी के पास दिनदहाड़े चाकू की नोक पर 25 हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया गया। इ ...और पढ़ें

जिला अस्पताल में दिनदहाड़े लूट।
HighLights
डॉक्टर विकास शर्मा से 25 हजार रुपये और मोबाइल लूटा।
बदमाशों ने मोर्चरी के पास चाकू की नोक पर वारदात की।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
जागरण संवाददाता, बदायूं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात मेडिकल आफिसर डॉ. विकास शर्मा से दो बदमाशों ने मोर्चरी के पास दिनदहाड़े चाकू की नोक पर 25 हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। सूचना पर सीओ सिटी समेत भारी पुलिस बल पहुंच गया लेकिन शाम तक बदमाशों का पता नहीं चल सका। पुलिस ने सीसीटीवी खंगालते हुए बदमाशों की तलाश में टीमें लगा दी हैं।
जिला अस्पताल में शनिवार दोपहर इमरजेंसी में तैनात डॉ. विकास शर्मा मोर्चरी के पास टंकी के नीचे किसी कार्य से गए थे। उसी दौरान दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे और अकेला देखकर उन्होंने चाकू निकालकर डाक्टर को डराया-धमकाया। उनकी जेब से 25 हजार रुपये नकद और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। डॉ. विकास ने बताया कि इमरजेंसी में मरीज न होने पर वह मोर्चरी की तरफ चले गए थे। बदमाशों ने उन्हें अकेला पाकर इस घटना को अंजाम दिया और तत्काल वहां भाग निकले।
डरे-सहमे डॉक्टर ने भागकर अस्पताल स्टाफ को सूचना दी। इसके बाद पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी मिलते ही सीओ सिटी राहुल पांडेय, कोतवाली इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह और क्राइम इंस्पेक्टर अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल परिसर के सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए। शाम तक फुटेज चेक की गई लेकिन बदमाशों की पहचान नहीं हो सकी। इसमें पुलिस ने मामले की छानबीन कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जिला अस्पताल में सुरक्षा पर सवाल
दिनदहाड़े जिला अस्पताल परिसर में डॉक्टर से लूट की घटना से स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश है। डॉक्टरों और स्टाफ का कहना है कि मोर्चरी और परिसर के सुनसान इलाकों में सुरक्षा बिल्कुल नहीं है। आए दिन इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर लूट का मामला दर्ज किया जाएगा लेकिन यहां सबसे बड़ी बात यह है कि अस्पताल में रिटायर्ड फौजी तैनात हैं और उनकी ड्यूटी दिनरात है। इसके बावजूद अस्पताल में चोरी लूट की घटनाएं सामने आ रही हैं।
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पुलिस चौकी हटते ही बढ़ीं चोरी-लूट की घटनाएं
जिला अस्पताल में शनिवार को इमरजेंसी के डॉक्टर से दिनदहाड़े लूट की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि करीब दो साल से अस्पताल परिसर से पुलिस चौकी भी हटा दी गई है। तभी से चोरी, लूट और मारपीट की घटनाएं बढ़ गई हैं। पहले अस्पताल परिसर में 24 घंटे एक सिपाही तैनात रहता था।
पुलिस चौकी के चलते इमरजेंसी, वार्ड और मोर्चरी के आसपास असामाजिक तत्वों का आना-जाना नहीं था। स्टाफ के मुताबिक तब चोरी और झगड़े की नौबत नहीं आती थी लेकिन चौकी हटने के बाद से हालात बदल गए। मोर्चरी, पार्किंग और परिसर के सुनसान इलाके असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गए हैं।
इमरजेंसी डॉक्टर का कहना है कि वह सिगरेट पीते हुए सुनसान स्थान मोर्चरी की तरफ पहुंच गए थे। वहीं दो बदमाशों ने चाकू दिखाकर उनसे मोबाइल और 25 हजार रुपये लूटे। इसकी सूचना पर पुलिस भी आई है। मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इसमें कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. सतीश चंद्र नागर, सीएमएस जिला अस्पताल
सूचना पर हम भी अस्पताल पहुंचे थे। मामले की छानबीन को टीम लगा दी गई है। प्रथम दृष्टया यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। इसकी जांच की जा रही है। उसके बाद ही कुछ बताया जा सकता है।- राहुल पांडेय, सीओ सिटी