चढ़ावा चोरी कांड की जांच के ढाई माह बाद रामनगरी में दिखे गोपाल राव, प्रभु रामलला के किए दर्शन
ढाई माह के लंबे अंतराल के बाद राम मंदिर के व्यवस्थापक रहे गोपाल राव अयोध्या लौटे और रामजन्मभूमि परिसर में पूजन-अर्चन में शामिल हुए।

गोपाल राव ने रामलला के किए दर्शन।
HighLights
गोपाल राव ढाई माह बाद अयोध्या लौटे, राम मंदिर पहुंचे।
स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ के साथ पूजन-अर्चन में हुए शामिल।
चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बनाया है उन्हें गवाह।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। ढाई माह के लंबे अंतराल के बाद गुरुवार को राम मंदिर के व्यवस्थापक रहे गोपाल राव फिर अयोध्या में दिखे। वह सुबह ही रामजन्मभूमि परिसर पहुंचे और उडुप्पी के पेजावर मठ के पीठाधीश्वर व श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ के साथ लिंगायत समाज के पूजन-अर्चन में सम्मिलित हुए।
साथ ही कर्नाटक व अन्य दक्षिणी हिस्सों से आए साधु-संतों के साथ रामलला का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान वह मंदिर में कार्यरत सेवादारों व कर्मियों से कुशलक्षेम भी पूछते दिखे।
जून माह में चढ़ावा चोरी उजागर होने के बाद वह राज्य सरकार की ओर से गठित एसआईटी की जांच के समय वह रामजन्मभूमि परिसर में रहे और जांच में भी सहयोग किया। वह 23 जून को शेषावतार मंदिर के ध्वजारोहण समारोह में पूर्व महासचिव चंपतराय व पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के साथ भी सम्मिलित हुए थे।
छह जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में गोपाल राव को विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से बाहर कर दिया गया तो वह कभी दिल्ली, कर्नाटक तो कभी अयोध्या में रहने लगे थे। जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 27 जुलाई को मामले की जांच के लिए दूसरी एसआइटी का गठन हुआ, तो दिल्ली में हुई विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक में उन्हें वनवासी रक्षा परिवार का पालक अधिकारी बना दिया गया और कार्यक्षेत्र अयोध्या से बदलकर दिल्ली कर दिया गया था।
उनके पास केंद्रीय मंत्री प्रशिक्षण प्रमुख, नैतिक शिक्षा प्रमुख एवं कर्णावती (अहमदाबाद) क्षेत्र के पालक अधिकारी का दायित्व पहले से था। नया दायित्व मिलने के बाद वह सप्ताह भर अयोध्या में रहे थे, इसके बाद उन्होंने रामनगरी को छोड़ दिया है।
गत 23 सितंबर को चढ़ावा चोरी मामले की प्रस्तुत हुई चार्जशीट में पुलिस ने पूर्व महासचिव चंपतराय व पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के साथ गोपाल राव को भी अपना गवाह बनाया है। जुलाई के अंतिम सप्ताह के बाद वह गुरुवार को न केवल रामनगरी में दिखाई पड़े, बल्कि राम मंदिर पहुंच कर दर्शन-पूजन भी किया।
