राम जन्मभूमि परिसर में अब PNG पर पकेगा भोजन, रामनिवास मंदिर और सीता रसोईं होगी हाईटेक
अयोध्या में रामजन्मभूमि परिसर में कार्यरत कर्मियों और रामलला के दर्शनार्थियों के लिए अब भोजन पीएनजी पर पकेगा।

PNG से जल्द जुड़ेगी सीता रसोईं और राम निवास मंदिर।
HighLights
रामजन्मभूमि परिसर में कर्मियों, श्रद्धालुओं का भोजन अब पीएनजी पर पकेगा।
सीता रसोई और राम निवास मंदिर को भी पीएनजी से जोड़ा जाएगा।
घरेलू गैस, लकड़ी के उपयोग से मिलेगी मुक्ति, पर्यावरण भी सुरक्षित।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। अब रामजन्मभूमि परिसर में कार्यरत कर्मियों और रामलला का दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी भोजन पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पर पकेगा। अन्नपूर्णा मंदिर स्थित सीता रसोई को पीएनजी से जोड़ने के बाद ग्रीन गैस लिमिटेड पाइपलाइन के नेटवर्क का विस्तार कर रहा है।
रंगमहल बैरियर के पास स्थित रामनिवास मंदिर को पहले पीएनजी से जोड़ने के बाद श्रीराम अस्पताल के पीछे स्थित सीता रसोई को भी इससे जोड़ने की तैयारी है। तीनों रसोई के पीएनजी से आच्छादित होने के बाद यहां घरेलू गैस या लकड़ी से खाना पकाने का झंझट खत्म हो जाएगा।
गत मार्च माह में देश में घरेलू गैस का संकट उत्पन्न होने के बाद रामजन्मभूमि परिसर स्थित सीता रसोई को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ा गया था। 26 मई से ही यहां पीएनजी पर भगवान का भोग तैयार हो रहा है। अब रामनिवास मंदिर स्थित रसोई तक भी पाइपलाइन बिछाई जा रही है।
बताया जा रहा कि ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा के पास तक पाइप बिछाई जा चुकी है। यह अगले महीने तक पीएनजी से जुड़ जाएगा। राम निवास मंदिर में भगवान के लिए विशेष दिनों में पकवान और प्रतिदिन कर्मियों के लिए भोजन बनता है।
ग्रीन गैस लिमिटेड के प्रबंधक जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि रामनिवास मंदिर के बाद अंगद टीला की सीता रसोई को भी पीएनजी से जोड़ा जाएगा। अभी वहां भवन निर्माण हो रहा है, इसलिए इसमें दो-ढाई माह लगेंगे। इसके अतिरिक्त ग्रीन गैस की ओर से शहर में भी पीएनजी नेटवर्क का विस्तार हो रहा है।
