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    कीलों की शैय्या से लेकर दांतों से कार खींचने तक: अलीगढ़ में कांवड़ यात्रा के दौरान दिख रहे आस्था के अनोखे रंग

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 04:12 AM (IST)

    अलीगढ़ में कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था के कई अनोखे रूप देखने को मिल रहे हैं। भक्त कीलों की शैय्या पर लेटकर, दांतों से कार खींचकर और बेटियों को साथ ले ...और पढ़ें

    कांवड़ यात्रा के दौरान दिख रहे आस्था के अनोखे रंग।

    कांवड़ यात्रा के दौरान दिख रहे आस्था के अनोखे रंग।

    HighLights

    1. संजय कीलों से भरी शैय्या पर लेटकर कर रहे हठ-कांवड़ यात्रा।

    2. नरेंद्र जाट दांतों से कार खींचकर 300 किमी की यात्रा कर रहे।

    3. सुनील आंखों पर पट्टी बांधकर गौ संरक्षण का संदेश दे रहे।

    जागरण संवाददाता, अलीगढ़। कंधों पर कांवड़, जुबां पर 'हर-हर महादेव' और मन में अटूट विश्वास। शिवालयों की ओर बढ़ते कांवड़ियों में इस बार आस्था के कई अनोखे रूप देखने को मिल रहे हैं।

    हरदुआगंज के संजय कीलों से भरी शैय्या पर लेटकर करीब 50 किमी की 'हठ-कांवड़' यात्रा कर रहे हैं। कांवड़ चार पहिया वाले प्लेटफॉर्म पर रखी है।

    उसके साथ एक दूसरा प्लेटफॉर्म है, जिस पर ढेरों कीलें लगी हैं। संजय इसी शैय्या पर लेटकर आगे बढ़ते हैं। कांवड़ कुछ दूर आगे बढ़ती है तो उनका साथी कीलों वाली शैय्या को भी उतनी ही दूर आगे खींच लाता है।

    दांतों से कार खींचकर 300 किमी यात्रा

    जट्टारी के नरेंद्र जाट हरिद्वार की हर की पैड़ी से गंगाजल व शिव प्रतिमा रखी कार को दांतों से रस्सी बांधकर खींचते हुए ला रहे हैं। वे पहले भी दांतों से तार खींचकर 100 किमी की वृंदावन यात्रा कर चुके हैं।

    बेटी की मनौती पर दंडवती यात्रा

    बुलंदशहर के योगेंद्र कश्यप ने घर में बेटी होने की मनौती पूरी होने पर खेरेश्वरधाम के लिए दंडवती कांवड़ उठाई है। छह महीने पहले बेटी का जन्म हुआ। अब वे अपना संकल्प पूरा करने में जुटे हैं।

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    कांवड़ में बेटियां

    खैर (बिलखोरा) के संजू बाबा और उनकी पत्नी बीना अपनी कांवड़ के एक पलड़े में गंगाजल और दूसरे में अपनी बेटी व भांजी को बैठाकर 'बेटी बचाओ' का संदेश दे रहे हैं। उनका कहना है कि बेटियां ईश्वर का अनमोल उपहार हैं।

    खबरें और भी

    कांवड़ में मां की पालकी

    भोजाका के सतेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ कांवड़ में अपनी मां मंती देवी को पालकी में बैठाकर यात्रा पूरी कर रहे हैं।

    आंखों पर पट्टी बांधकर कांवड़ ला रहे सुनील

    बागपत के बड़ौली गांव निवासी सुनील आंखों पर पट्टी बांधकर कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने का संकल्प लिया है। अपने साथ वह एक बछिया को भी लेकर चल रहे हैं। सुनील का कहना है कि उनका उद्देश्य लोगों को गौ संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।

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