Google Maps को कैसे पता चलता है सड़क पर लगा है जाम? ज्यादातर लोग नहीं जानते!
गूगल मैप्स स्मार्टफोन लोकेशन डेटा, वाहनों की गति और ऐतिहासिक पैटर्न का उपयोग करके ट्रैफिक जाम का पता लगाता है।

Google Maps को कैसे पता चलता है सड़क पर लगा है जाम? ज्यादातर लोग नहीं जानते!

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आज के टाइम में कहीं भी जाने से पहले लोग अक्सर गूगल मैप्स का यूज करते हैं। ये एप सिर्फ रास्ता ही नहीं बताता, बल्कि आज इसमें कई एडवांस फीचर्स भी मिल जाते हैं। मैप्स से आप ये भी जान सकते हैं कि किस सड़क पर ट्रैफिक ज्यादा है, कहां जाम लगा हुआ है और कौन-सा रास्ता जल्दी डेस्टिनेशन तक पहुंचा सकता है।
हालांकि इस बीच ये सवाल उठता है कि आखिर Google Maps को कैसे पता चलता है कि किसी सड़क पर ट्रैफिक जाम है? चलिए आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं...
ट्रैफिक का कैसे पता लगाता है Google Maps?
दरअसल, Google Maps कई तरह के डेटा और टेक्नोलॉजी की मदद से ट्रैफिक की कंडीशन का अंदाजा लगाता है। इसका सबसे बड़ा सोर्स उन लोगों की लोकेशन और मूवमेंट से जुडी डिटेल्स होती हैं, जो अपने स्मार्टफोन में Google Maps या अन्य Google सर्विस का यूज कर रहे हैं। जब बड़ी संख्या में व्हीकल किसी सड़क पर चल रहे होते हैं, तो सिस्टम उनकी स्पीड का अंदाजा लगा सकता है।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी सड़क पर नॉर्मल्ली गाड़ियां 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलती हैं, लेकिन उस वक्त कई डिवाइस की मूवमेंट बेहद स्लो दिखाई दे रही है, तो Google Maps ये समझ जाता है कि वहां ट्रैफिक की कंडीशन खराब है।
इतना ही नहीं Google Maps पुराने ट्रैफिक पैटर्न का भी यूज करता है। इसका मतलब है कि अगर किसी खास सड़क पर सुबह ऑफिस टाइम या शाम के वक्त नॉर्मल्ली कितना ट्रैफिक रहता है, इस तरह की डिटेल्स भी सिस्टम को बेहतर अंदाजा लगाने में मदद करती है।
अलग-अलग कलर में शो होता है ट्रैफिक
मैप्स पर शो होने वाली अलग-अलग कलर की लाइन्स भी ट्रैफिक की कंडीशन बताती हैं। ग्रीन कलर आमतौर पर नॉर्मल ट्रैफिक को दिखाता है, जबकि ऑरेंज कलर स्लो स्पीड वाले ट्रैफिक का संकेत देता है। वहीं रेड और डीप रेड कलर का मतलब होता है कि सड़क पर भारी ट्रैफिक या लंबा जाम लगा हुआ है।
