क्या TV की भी होती है कोई एक्सपायरी डेट? ज्यादातर लोग नहीं जानते सच्चाई
टीवी की कोई निश्चित 'एक्सपायरी डेट' नहीं होती, बल्कि उसके डिस्प्ले और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की सीमित लाइफ होती है। इसकी उम्र पैनल, बैकलाइट, उपयोग के ...और पढ़ें

क्या TV की भी होती है कोई ‘एक्सपायरी डेट’? ज्यादातर लोग नहीं जानते सच्चाई

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आज नया टीवी खरीदते टाइम ज्यादातर लोग स्क्रीन साइज, रिजॉल्यूशन, रिफ्रेश रेट, स्मार्ट फीचर्स और कीमत पर सबसे ज्यादा फोकस करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस TV को आज आप खरीदने जा रहे हैं, उसकी लाइफ कितनी होगी? दरअसल, टीवी पर कोई तय एक्सपायरी डेट नहीं होती, लेकिन उसके डिस्प्ले और अंदर लगे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की एक लिमिटेड लाइफ जरूर होती है। चलिए जानते आज इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...
कितने साल तक चल सकता है टीवी?
वैसे तो टीवी की लाइफ कई चीजों पर डिपेंड करती है। इसमें टीवी का पैनल, बैकलाइट, पावर सप्लाई, यूज करने का तरीका, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव और रूम का एनवायरनमेंट भी शामिल है। नॉर्मल यूज में एक अच्छा टीवी करीब 7 से 10 साल तक आसानी से चल सकता है। हालांकि, ठीक से देखभाल और कम यूज कंडीशन में इसकी लाइफ इससे ज्यादा भी हो सकती है।
LG Display की ओर से साल 2016 में OLED पैनल की लाइफ 1 लाख घंटे बताई गई थी। ऐसे में अगर कोई शख्स रोजाना करीब 6 घंटे टीवी देखता है, तो सिर्फ इस आंकड़े के बेस पर पैनल की लाइफ कई दशक बैठती है, लेकिन रियल लाइफ में टीवी सिर्फ पैनल की वजह से खराब नहीं होता। इसके कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पहले खराब हो सकते हैं।
OLED टीवी में क्या खतरा
TV की लंबी लाइफ को समझने के लिए RTINGS की टेस्टिंग भी काफी अहम है। वेबसाइट ने अलग-अलग ब्रैंड्स के टीवी को लंबे टाइम तक लगातार चलाकर देखा। टेस्ट में OLED टीवी में Burn-in की दिक्कत देखने को मिली। इसका मतलब है कि अगर स्क्रीन पर कोई लोगो, न्यूज टिकर या एक जैसी तस्वीर लंबे टाइम तक शो होती है, तो उसका निशान स्क्रीन पर दिखाई दे सकता है।
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वहीं, LED और LCD टीवी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। इनका ज्यादा यूज होने पर इसमें इस्तेमाल होने वाली बैकलाइट वक्त के साथ कमजोर हो सकती है। इसकी वजह से स्क्रीन की ब्राइटनेस कम हो सकती है, खराब लाइटिंग या धब्बे दिखाई दे सकते हैं।
इन चीजों को न करें इग्नोर
अगर टीवी की ब्राइटनेस अब पहले जैसी नहीं रही, स्क्रीन पर कलर भी अजीब दिखाई दे रहे हैं या तस्वीर में धब्बे दिख रहे हैं, तो ये डिस्प्ले या बैकलाइट की खराबी का संकेत हो सकता है। जबकि स्मार्ट टीवी में लंबे टाइम तक सॉफ्टवेयर अपडेट न मिलने से एप्स पुराने पड़ सकते हैं और टीवी स्लो या हैंग हो सकता है।
ऐसे में टीवी की कोई एक तय ‘एक्सपायरी डेट’ नहीं है। सही देखभाल, बेहतर वोल्टेज सप्लाई और यूज करने के तरीके के बेस पर उसकी लाइफ कम या ज्यादा हो सकती है।
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