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घर के मंदिर में खंडित मूर्ति क्यों नहीं रखनी चाहिए, भगवान की प्रतिमा हाथ से गिरकर टूट जाए तो क्या करें?

Published: Tue, 25 Aug 2026 05:15 PM (IST)

घर के मंदिर में खंडित मूर्तियों को रखना वास्तु और ज्योतिष के अनुसार उचित नहीं माना जाता है, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।

घर के मंदिर में खंडित मूर्ति क्यों न रखें, प्रतिमा का क्या करें? (Picture Credit: AI Generated)

घर के मंदिर में खंडित मूर्ति क्यों न रखें, प्रतिमा का क्या करें? (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. खंडित मूर्ति मंदिर में नकारात्मक ऊर्जा लाती है।

  2. टूटी मूर्ति से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता।

  3. खंडित मूर्ति को पवित्र स्थान पर विसर्जित करें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घर का मंदिर अगर वास्तु के नियमों के अनुसार ही बनाया जाता है, तो इसके कई लाभ मिलते हैं। ऐसा मंदिर घर में ऊर्जा को संतुलित रखता है, घर के सदस्यों के बीच सामंजस्य बनाए रखने में मदद करता है, ईश्वर का आशीर्वाद प्रदान करता है और सबसे जरूरी बात यह है कि इस तरह के मंदिर से घर में किसी तरह का वास्तु दोष नहीं लगता है।

यही नहीं मंदिर के साथ इसमें रखी मूर्तियों के लिए भी वास्तु के सही नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है। समय के साथ मंदिर में रखी मूर्तियां आपकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं।

आप उन्हें हर सुबह और शाम पूजा के समय देखते हैं। यही नहीं किसी भी परेशानी के समय इन्हीं मूर्तियों में आपको अपने आराध्य की प्राप्ति होती है। आइए आपको बताते हैं अगर आपके घर के मंदिर में रखी मूर्ति गिरकर टूट जाए, तो उसका क्या करना चाहिए? खंडित मूर्ति मंदिर में क्यों नहीं रखनी चाहिए?

क्या घर के मंदिर में टूटी हुई मूर्ति रखना ठीक है?

पारंपरिक मान्यताओं में, घर के मंदिर या किसी भी स्थान अपर टूटी हुई मूर्ति रखने की सलाह नहीं दी जाती है। इसका कारण मंदिर में ऊर्जा को सकारात्मक बनाए रखना होता है।

वास्तु और ज्योतिष दोनों के अनुसार खंडित मूर्ति को पूजा के लिए उपयुक्त नहीं समझा जाता है। यदि आप मंदिर में ऐसी मूर्ति की पूजा करते हैं तो पूजा का पूर्ण फल भी नहीं मिलता है। यही नहीं इससे घर में वास्तु दोष भी लग सकता है। हालांकि ऐसी मूर्ति रखना किसी शगुन या अपशगुन का संकेत न होकर पूजा के नियमों के अनुरूप नहीं मानी जाती है।

पूजा के स्थान पर टूटी हुई मूर्तियां क्यों नहीं रखनी चाहिए?

पूजा के स्थान अपर आपको कभी भी खंडित मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए क्योंकि पूजा के समय टूटी हुई मूर्ति देखने से पूजा-पाठ से ध्यान भटक सकता है। जब आप पूजा में मूर्ति की ओर ध्यान केंद्रित करते हैं तो ऐसी मूर्ति पूजन के लिए अनुकूल मानी जाती है जो कहीं से क्षतिग्रस्त न हो।

पूजा के समय मंदिर का माहौल शांत होना चाहिए और टूटी हुई मूर्तियों की ऊर्जा एक जगह एकत्रित नहीं होती है, इसलिए इन्हें मंदिर से हटाने की सलाह दी जाती है।

टूटी हुई मूर्तियों का क्या करना चाहिए?

  • अगर आपके हाथ से कोई मूर्ति गिरकर टूट जाए तो घबराने के बजाय इसे सम्मानपूर्वज उठाकर इसके टुकड़ों को एक साथ इकठ्ठा करना चाहिए। इस मूर्ति को सबसे पहले मंदिर से निकाल देना चाहिए।
  • इस मूर्ति को भूलकर भी कचरे में न फेंकें बल्कि इसे एक साफ कपड़े में बांधकर घर से बाहर किसी पवित्र पेड़ के नीचे रख दें।
  • ऐसी मूर्ति को आप सम्मानपूर्वक किसी पवित्र नदी में विसर्जित भी कर सकते हैं।
  • यदि दोनों ही तरह से मूर्तियों का विसर्जन संभव न हो तो आप इन मूर्तियों को घर के आस-पास किसी मंदिर के बाहर किसी पेड़ के पास रख दें।
  • घर में पूजा के लिए कभी भी खंडित मूर्ति का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और टूटी हुई मूर्ति को इधर-उधर फेंकने के बजाय किसी साफ स्थान पर रख देना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।