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क्या घर के मंदिर में पूर्वजों की तस्वीर रखना ठीक है? वास्तु से जानें सही दिशा और नियम

Published: Thu, 20 Aug 2026 11:54 AM (IST)

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मंदिर में पूर्वजों की तस्वीर रखना उचित नहीं माना जाता है। उनकी तस्वीर को ...और पढ़ें

पूर्वजों की तस्वीर: घर में कहां लगाएं वास्तु के अनुसार जानें सही नियम (Picture Credit: AI Generated)

पूर्वजों की तस्वीर: घर में कहां लगाएं वास्तु के अनुसार जानें सही नियम (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. मंदिर में पूर्वजों की तस्वीर रखना वास्तु के विरुद्ध।

  2. दक्षिण-पश्चिम कोना या दक्षिण दिशा शुभ मानी जाती है।

  3. तस्वीर का मुख हमेशा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो मृतक के घर के लोग उनकी यादों को सहेजने के लिए घर में उनकी तस्वीर लगा लेते हैं। अपनों की तस्वीरें भावनात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती हैं।

जब आप उन्हें घर की दीवार पर सही दिशा में लगाते हैं, तो इससे आपके पूर्वजों का आशीर्वाद मिल सकता है। ये शांति बनाए रखने और उनके प्रति सम्मान का भाव जगाने में भी मदद करती हैं।

वहीं गलत दिशा में पूर्वजों की तस्वीरें लगाने का घर के लोगों में गलत असर भी हो सकता है। ऐसा करने से मन में नकारात्मक भावनाएं आ सकती हैं और पूर्वज नाराज भी हो सकते हैं। यही नहीं कई लोग तो पूर्वजों को देवताओं के समान मानते हैं, इस वजह से उनकी तस्वीर घर के मंदिर में ही लगा लेते हैं, लेकिन क्या ऐसा करना ठीक है? क्या पूर्वजों को भगवान के साथ रखना वास्तु के अनुरूप है? आइए आपको बताते हैं इसके बारे में। 

घर के मंदिर में पूर्वजों की तस्वीर रखना सही है?

अगर हम घर में मंदिर में पूर्वजों की तस्वीर रखने की बात करते हैं तो ऐसा करना वास्तु के अनुरूप नहीं माना जाता है। घर में मंदिर रखने की सबसे अच्छी दिशा उत्तर-पूर्व है, वहीं पूर्वजों के लिए अलग स्थान निर्धारित किया गया है।

पूर्वजों की तस्वीर हमेशा यम की दिशा में लगाने की सलाह दी जाती है, इसलिए आपको कभी भी मंदिर में देवताओं की तस्वीर के साथ पूर्वजों की तस्वीर नहीं रखनी चाहिए। मंदिर के अलावा आपको पूर्वजों की तस्वीर घर के बेडरूम में भी नहीं रखनी चाहिए और ऐसी जगह पर भी न रखें जहां किसी बाहरी की नजर पड़ती हो।

क्या घर में पूर्वजों की तस्वीर रखना सही है?

लोग अपने घर में पूर्वजों की तस्वीर उनकी यादों को जीवित रखने, मृतक के प्रति श्रद्धा भाव दिखाने और उनके सम्मान में रखते हैं। पूर्वजों की तस्वीर रखना गलत नहीं माना जाता है, लेकिन इसे हमेशा वास्तु के नियमों का पालन करते हुए रखना चाहिए। इन तस्वीरों को हमेशा वास्तु के अनुसार सही दिशा में ही लगाना चाहिए।

आप वास्तु अनुरूप दिशाओं में पूर्वजों की तस्वीर लगा सकते हैं और उन्हें नियमित रूप से सम्मान देने के लिए उनकी तस्वीर में तिलक भी लगा सकते हैं।

घर में पूर्वजों की तस्वीर लगाने की सही दिशा क्या है?

अगर आप घर में पूर्वजों की तस्वीर लगा रहे हैं तो हमेशा ध्यान दें कि इसे घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में ही लगाएं। इसे पितृ स्थान माना जाता है और यहां तस्वीर लगाने से आपको किसी प्रकार का पितृ दोष भी नहीं लगता है।

आप पूर्वजों की तस्वीर को आप दक्षिण दिशा में लगाएं तो यह भी अत्यंत शुभ है क्योंकि दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है और ध्यान रखें कि तस्वीर लगाते समय उसका मुंह उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। पूर्वजों की तस्वीर लगाने के लिए सबसे अच्छी दिशा दक्षिण-पश्चिम ही मानी जाती है।

अगर आप घर में पूर्वजों की तस्वीर रख रहे हैं तो हमेशा वास्तु के नियमों का ध्यान रखते हुए रखनी चाहिए, जिससे वास्तु और पितृ दोष दोनों से बचा जा सके।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।