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घर में बिल्ली पालने से पहले जानें वास्तु के ये नियम, वरना बढ़ सकती है नकारात्मक ऊर्जा

Published: Sat, 05 Sep 2026 01:00 PM (IST)Updated: Tue, 08 Sep 2026 09:19 AM (IST)

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में बिल्ली पालने से सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जा प्रभावित होती है। बिल्लियों ...और पढ़ें

पालतू बिल्लियों के लिए वास्तु टिप्स (Picture Credits- AI Images)

पालतू बिल्लियों के लिए वास्तु टिप्स (Picture Credits- AI Images)

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में मौजूद प्रत्येक चीड जिसमें जीव-जंतु से लेकर पालतू जानवर तक शामिल हैं, घर की ऊर्जा पर असर डालती है। घर में पालतू जानवर लाने से पहले उसकी ऊर्जा, स्वभाव और वह किस दिशा में रहेगा इन बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पालतू जानवर सिर्फ एक अच्छा साथी ही नहीं होते, बल्कि वे घर की ऊर्जा पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जा को प्रभावित कर सकते हैं। जानवरों में बिल्ली सबसे आम और लोकप्रिय पालतू जानवरों में से एक है। यह न केवल प्यार और अपनापन लाती है, बल्कि घर के माहौल को भी बदल सकती है। हालांकि बिल्लियों को लेकर वास्तु शास्त्र में मिली-जुली राय देखने को मिलती है।

घर में बिल्ली पालने को लेकर वास्तु शास्त्र में क्या कहा गया है? 

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, बिल्लियों के बारे में कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। बिल्लियों में संवेदनशील और काफी तेज ऊर्जा होती है। उनमें घर के भावनात्मक संतुलन और ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करने की शक्ति होती है।

अगर घर में पहले से ही अच्छा माहौल है, तो बिल्ली उसे और बेहतर बना सकती है। लेकिन नकारात्मक ऊर्जा वाले घर में बिल्ली पालने से इसका प्रभाव और बढ़ सकता। आपको पहले से ज्यादा बेचैनी और परेशानी हो सकती है।

बिल्ली स्वभाव से चंचल और आत्मनिर्भर होती हैं। घर में बिल्ली का व्यवहार वहां के माहौल पर भी असर दिखाता है। एक शांत और खुशमिजाज बिल्ली घर में प्यार और सकारात्मक ऊर्जा लाने का काम करती हैं। वहीं शर्मिली या घबराई हुई बिल्ली घर में बेचैनी और तनाव बढ़ा सकती है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार एक सुखद और शांति भरे घर में बिल्ली बिल्ली पालने से सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। एक खुश और स्वस्थ बिल्ली घर में प्यार और स्नेह के स्तर को बढ़ाती है। यह परिवार के सदस्यों का तनाव भी कम करती है।

घर में बिल्ली पालने का चलन कोई नया नहीं बल्कि पुराने समय में भी प्रसांगिक था। पुराने समय में घरों में चूहे और कीड़ों से बचाव के लिए बिल्लियां पाली जाती थीं। यह घर में साफ-सफाई और स्वच्छता के लिहाज से भी काफी पसंद की जाती थीं।

घर में पालतू बिल्ली को सहलाने और उसके 'पुर्र-पुर्र' करने की आवाज सुनने से मानसिक तनाव कम होता है। बिल्ली बच्चों और बुजुर्गों के लिए भावनात्मक सहारा बन सकती है।

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घर में बिल्ली पालने के नुकसान

अगर घर में पहले से वातावरण तनाव और नेगेटिव एनर्जी से भरा रहता है, तो बिल्ली उसे और बढ़ाने का काम कर सकती है। एक शरारती बिल्ली घर में झगड़े और अशांति का कारण बन सकती है।

अगर बिल्ली को साफ-सुथरा न रखा जाए, तो घर में गंदगी और बदबू फैल सकती है। इसके कारण नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है, जिससे पूरे घर में वास्तु दोष की समस्या देखने को मिल सकती है।

अगर बिल्ली घर के दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पूर्व कोने में रहती है, तो इससे घर की स्थिरता और मानसिक शांति पर भर असर देखने को मिल सकता है।

बिल्ली पालने के लिए वास्तु टिप्स

घर में बिल्ली पालने से पहले वास्तु से जुड़े कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है। सबसे पहले बिल्ली को खुशनुमा माहौल में रखें। इसके लिए सही दिशा उत्तर या पूर्व दिशा हो सकती है। इसके अलावा बिल्ली की रहने की जगह को भी साफ-सुथरा रखना चाहिए। ध्यान रखें कि बिल्ली स्वस्थ रहे और उसकी नियमित रूप से देखभाल होती रहे।

बिल्ली को घर में बिना निगरानी के घूमने न दें। उसके रहने की जगह स्थिर और सकारात्मक ऊर्जा वाली होनी चाहिए। अगर हो सके तो बिल्ली के लिए एक छोटी, खास जगह बनाएं जहां वह सुरक्षित और आजाद महसूस कर सके।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।