वास्तु अनुसार घर में सुख-समृद्धि लाती हैं ये 5 मछलियां, जानें एक्वेरियम रखने की सही दिशा?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में एक्वेरियम रखने और कुछ खास मछलियां पालने से सुख-समृद्धि आती है और साथ ही इसे रखने की सही दिशा के बारे में भी जानिए।

घर के लिए शुभ मछलियां (Picture Credits- AI Images)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में पानी और मछली दोनों को महत्वपूर्ण माना गया है। जहां जल को धन और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है, वहीं मछली घर में आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने में मदद करती है। मछलीघर (Aquarium) को सही दिशा में रखने से सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है।
वास्तु शास्त्र में अलग-अलग मछलियां अलग तरह की ऊर्जा का स्रोत है। वैसे तो एक्वेरियम में रखने के लिए कई तरह की सजावटी मछलियां उपलब्ध हैं, लेकिन पांच खास मछली की प्रजातियां ऐसी भी हैं जो व्यापक रूप से भाग्य और समृद्धि को अपनी तरफ आकर्षित करती हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में एक्वेरियम को रखने के लिए सबसे सही दिशा उत्तर, पूर्व या उत्तर पूर्व दिशा मानी जाती है, क्योंकि ये दिशाएं धन और भाग्य से जुड़ी मानी जाती हैं। जबकि दक्षिण-पश्चिम दिशाओं में एक्वेरियम रखने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार, वो 5 मछलियां जिन्हें रखना शुभ माना जाता है।

एरोवाना
वास्तु शास्त्र में एरोवाना मछली को खासतौर से धन की मछली माना जाता है क्योंकि इसका संबंध आर्थिक समृद्धि से जुड़ा है। इस मछली का शरीर लंबा जो धन और विकास का प्रतीक माना जाता है। कई मान्यताओं में एरोवाना को पैसा और सफलता आकर्षित करने वाली मछली भी माना जाता है, यही वजह है कि यह कई प्रतिष्ठित परिवारों के बीच काफी लोकप्रिय है। यह मछली समय के साथ आकार में काफी बड़ी भी हो सकती है, इसलिए इसे एक बड़े से एक्वेरियम मं रखने की जरूरत होती है।
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फ्लावरहॉर्न
फ्लावरहॉर्न मछली को वास्तु शास्त्र में समृद्धि से जोड़ा जाता है। ये कई आकर्षक रंगों और खूबसूरत माथे वाली मछलियों में शामिल है। इस मछली को अक्सर आत्मविश्वासी और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। फ्लावरहॉर्न का स्वभाव काफी आक्रामक होता है, इसलिए इसे एक अलग से एक्वेरियम में रखने की जरूरत होती है।
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कोई
कोई मछली अधिकतर एक्वेरियम में रखने वाली मछलियों में शामिल है। इस खास प्रजाति वाली मछली को इसकी मनमोहक चाल और सुंदरता के लिए जाना जाता है। इसके अलावा 'कोई' को दीर्घकालिक सफलता का भी प्रतीक माना जाता है। वास्तु शास्त्र में कोई मछली अचानक धन प्रवाह के बजाय स्थिर वृद्धि और निरंतर सफलता का प्रतीक मानी जाती है। ये मछलियां उन लोगों के लिए एकदम सही हैं जो मछलियों को पालने का शौक रखते हैं।

ब्लैक मूर
काली मूर मछली को नकारात्मक ऊर्जा से बचाने वाली माना जाता है, जो पूरी तरह काले रंग की होती है। इस मछली का शरीर गोल होता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, काली मछली नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित कर सुरक्षा प्रदान करती है। घर में संतुलन और समृद्धि बनाए रखने के लिए ब्लैक मूर को आमतौर पर सुनहरी मछलियों के साथ एक खास अनुपात में रखा जाता है। अक्सर एक ब्लैक मूर के साथ 8 चमीके रंग की मछलियां रखी जाती हैं।

गोल्ड फिश
वास्तु शास्त्र में गोल्डफिश को सबसे ज्यादा समझदारी मछलियों में शामिल किया जाता है। इसके अलावा इन्हें सौभाग्य और समृद्धि से जोड़कर भी देखा जाता है। इनके चमकीले सुनहरे और नारंगी रंग सुख और सकारात्मकता का प्रतीक माने जाते हैं। ये रंग समृद्धि से जुड़े हैं, जो विकास करने के मौके देता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए एक्वेरियम में गोल्डफिश को ग्रुप में रखना सही माना जाता है।
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