भोजन के तुरंत बाद स्नान क्यों नहीं करना चाहिए? शास्त्रों में बताए गए नियम क्या हैं
हमारे धर्म शास्त्रों में भोजन और स्नान दोनों ही क्रियाओं के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं जिनका पालन जरूरी ...और पढ़ें

भोजन के बाद स्नान क्यों नहीं करना चाहिए (Picture Credit: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हमारे शास्त्रों में न जाने कितने ऐसे नियम बनाए गए हैं जिनका संबंध कहीं न कहीं आयुर्वेद से भी है। इन नियमों में भोजन यही समय पर करना और इसके नियमों के पालन को जरूरी बताया गया है जिससे शरीर स्वस्थ रहता है और बीमारियों से बचने में मदद मिल सकती है।
ऐसे ही शास्त्रों में लिखा है कि भोजन के तुरंत बाद आपको स्नान नहीं करना चाहिए। इससे जहां एक तरफ आपकी सेहत प्रभावित ही सकती है, वहीं भोजन का पूर्ण प्रभाव आपके शरीर में भी नहीं होता है।
आयुर्वेद के अनुसार आपकी एक छोटी सी आदत, जैसे खाना खाने के तुरंत बाद स्नान करना, चुपचाप आपके पाचन और ऊर्जा के बहाव को बिगाड़ सकती है। हममें से कई लोग ऐसा करते हैं कि भोजन करने के तुरंत बाद ही स्नान करते हैं। आइए जानें ऐसा करना ठीक है या नहीं।
भोजन के तुरंत बाद स्नान से पाचन प्रभावित होता है
यदि हम खाना खाते ही नहाने चले जाते हैं तो भले ही इससे शरीर को ताजगी क्यों न महसूस हो, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, यह आदत पाचन की अग्नि को ठंडा कर सकती है, इससे आपकी जठराग्नि तुरंत ठंडी हो जाती है, जिससे भोजन को पचने का पूर्ण समय नहीं मिल पाता है।
ऐसा करने से आपको गहरी ऊर्जा जठराग्नि दोनों पर गहरा असर होता है और यही नहीं खाना खाने के तुरंत बाद नहाने से शरीर ठंडा हो जाता है। शरीर का ठंडा होना कभी-कभी अच्छा होता है, लेकिन पाचन के दौरान इसे अच्छा नहीं माना जाता है।
जब पानी त्वचा के संपर्क में आता है, खासकर ठंडा या गुनगुना पानी, तो शरीर तापमान का संतुलन बनाए रखने के लिए पेट और आंतों से ऊर्जा हटाकर दूसरी तरफ़ लगा देता है।
जो आग आपके भोजन को पचा रही थी, वह अब शरीर की गर्मी को नियंत्रित करने में लग जाती है और इससे सेहत पर भी असर हो सकता है।
भोजन के तुरंत बाद स्नान के लिए ग्रंथों में क्या लिखा है?
हमारे प्राचीन ग्रंथ अष्टांगहृदयम सूत्रस्थान के आठवें अध्याय में भोजन के नियमों के बारे में एक श्लोक मिलता है 'स्नानं जीर्णे हितं प्रोक्तं न च भुक्तमतस्य तु' इसका अर्थ यह होता है कि भोजन के पच जाने के बाद स्नान करना लाभकारी है, लेकिन भोजन करने के तुरंत बाद स्नान करना उचित नहीं माना गया है। यह श्लोक आयुर्वेद के अनुसार भी भोजन के नियमों को बताता है और तुरंत स्नान करने से मना करता है।
कफ और वात का संतुलन बिगड़ता है
ऐसा करने से हर दोष वात, पित्त और कफ जो मुख्य रूप से पाचन में भूमिका निभाते हैं उन पर प्रभाव पड़ता है। खाना खाने के तुरंत बाद, पित्त जिसे अग्नि तत्व कहा जाता है वह सक्रिय होता है। इस दौरान स्नान करने से कफ और वात दोनों असंतुलित हो जाते हैं। ठंडक और नमी से कफ बढ़ता है। खाना खाने के बाद नहाने से ये गुण और बढ़ जाते हैं, जिससे आपको शरीर में भारीपन महसूस हो सकता है।
यदि आप शास्त्रों और आयुर्वेद के नियमों की मानें तो भोजन करने के तुरंत बाद स्नान करने से कई कारणों से मना किया जाता है और आपको इसका पालन कारण की सलाह दी जाती है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
